श्योपुर में बर्ड फ्लू रोग नियंत्रण एवं शमन के संबंध में बैठक आयोजित

 कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्वत के निर्देशन में एडीएम/एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने बर्ड जिले में बर्ड फ्लू की तैयारियों एवं आकस्मिकता की स्थिति से निपटने के लिए आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभागार में पशुपालन विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय, सीईओ जनपद, ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।

    बैठक में उपसंचाकल पशु पालन विभाग डॉ आरएस सिकरवार, सीएमाओ नगरपालिका श्योपुर सुश्री मिनी अग्रवाल, बडौदा श्री ताराचंद धूलिया, पशुपालन विभाग के व्हीएएस डॉ महेश सिंह, पोल्ट्रीफार्म के संचालक सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  
     बैठक में एडीएम/एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने कहा कि जिले में बर्ड फ्लू को दृष्टिगत रखते हुए सभी आवश्यक सावधानियॉ एवं उपाय किए जाएं। पोल्ट्री फॉर्मों की साफ-सफाई एवं चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से जांच कराई जाए। जिले में संचालित पशुपालन के चिकित्सालय एवं डिस्पेन्सरियों में चिकित्सक नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित रहे। लोगों को बर्ड फ्लू के प्रति जागरूक करें। साथ ही प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। उन्होने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नगरपालिका एवं ग्रामीण क्षेत्रो में जनपद पंचायतो एवं वन विभाग के माध्यम से अगर किसी को मृत पक्षियों की जानकारी आदि मिले तो स्थापित किये गये कन्ट्रोलरूम को अवगत करावे। साथ ही विभागीय अधिकारियों द्वारा आपस में समन्वय स्थापित कर सर्विलेन्स टीम का गठन किया जावे। साथ ही पोल्ट्री फार्म संचालक किसी भी प्रकार के अड्डे एवं बर्डस बाहर से जिले में ना मंगवाये। इससे बर्ड फ्लू फैलने का खतरा फैल सकता है। सभी पोल्ट्री फार्म संचालक शासन की गाईडलाइन का पालन करें।
    बैठक में उपसंचालक पशु चिकित्सा डॉ आरएस सिकरवार ने बताया कि बर्ड फ्लू जोरेटिक बीमारी है। इस बीमारी से पक्षियों से मनुष्यो में फैलने का खतरा बना रहता है। इससे सभी जिलेवासियों को सावधान और सतर्क रहना चाहिए। पशुओं में कही भी मृत कौए मिले तो कन्ट्रोलरूम को अवगत करावे। बर्ड फ्लू की निगरानी के लिए चिकित्सको की टीमे गठित की जा चुकी है। बर्ड फ्लू के मुर्गे, मुर्गियो में मुख्यतः लक्षण-उनके नाक, आख से पानी आना, गर्दन तेडी हो जाना और डायरिया जैसी बीमारी होने पर उन्हे बर्ड फ्लू के यह  लक्षण होने पर पशुपालन विभाग को अवश्य सूचित करें। बैठक में वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि वन विभाग के मैदानी अमले को इस कार्य के लिए ड्यूटी लगा दी गई है। साथ ही वन विभाग द्वारा वाटर बार्डीज पर अपनी सतत् निगरानी रखी जा रही है।
बर्ड फ्लू रोग उद्भेद एवं नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय कन्ट्रोलरूम स्थापित
    बर्ड फ्लू रोड रोग उद्भेद एवं नियंत्रण हेतु सतत् निगरानी एवं सूचना के आदान-प्रदान हेतु पॉलीक्लीनिक श्योपुर को कन्ट्रोलरूम बनाया गया है। पॉलीक्लीनिक के सभी अधिकारी/कर्मचारी 24 घंटे अपना मोबाइल ऑन रखे। जिससे कोई भी सूचना प्राप्त होने पर तुरंत कार्यवाही की जा सकें।
    उपसंचाकल पशु पालन विभाग डॉ आरएस सिकरवार ने बताया कि इस कन्ट्रोलरूम पर व्हीएएस डॉ सचिन उपाध्याय मो.न. 9993508879, व्हीएएस डॉ महेश सिंह मो.न. 9753676727, एव्हीएफओ कु. पूजा पिप्पल मो.न. 9770386150 एवं भृत्य श्री ओम बाथम मो.न. 83190226543 की ड्यूटी लगाई गई है।
निराश्रित पशुओं के बधियाकरण पर हुई चर्चा
    एडीएम/एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने बैठक में शहरी क्षेत्र में निराश्रित गौवंश को सडको एवं भीडभाड वाले इलाके से बचाने के लिए एवं नागरिको की कठिनाईयों को दृष्टिगत रखते हुए पशुओ के बधियाकरण पर चर्चा करते हुए कहा कि नगरपालिका एवं पशुपालन विभाग द्वारा निराश्रित गौवंश (सांड) का बधियाकरण किया जावे। जिससे सडको एवं सामुदायिक जगहों पर नागरिको को हानि नही पहुंचे। साथ ही बधियाकरण के समय निराश्रित गौवंश की टेगिंग का कार्य भी पशुपालन विभाग द्वारा किया जावे।

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