त्रस्त आम आदमी , मस्त सो रही सरकार , आलू 60 रू , मटर 160 रू प्याज 60 रू और दालें आसमान पर 120 रू प्रतिकलो, आम आदमी का खाना पीना हुआ मुहाल

                                                           - नरेन्द्र सिंह तोमर ''आनन्द'' 

 ( सुफल मटर सस्ती है बाजार में - छिली हुई ताजी मटर 40 रूपये की आधा किलो यानि 80 रू की एक किलो है ) 

मुरैना/ दतिया/ ग्वालियर/भिंंड / श्योपुर , सरकारें जनता को अच्छी खबर देतीं सुनातीं आईं हैं यह एक परंपरा है , और अच्छे दिन का सपना और वायदा वोट की कीमत में बेचतीं आईं हैं , यह एक रिवाज है । 

जब सोने के दाम में प्रति दस ग्राम ( बाजारू एक तोला दस ग्राम का और पुराना पारंपरिक देश में प्रचलित एक तोला 12 ग्राम का होता है , जब से होलोग्राम वाले आये हैं तब से दो तोला होलोग्राम खा जाता है और यह तोला दस ग्राम का रह जाता है ) के वजन में एक हजार या 500 रू की कमी हो तो मीडिया की सुर्खी बन कर खबर बन जाती है और फ्रंट पेज हेडलाइन होती है , सोने के दामों में जबरदस्त धमाकेदार कमी ,गोया आम आदमी या हर अखबार पढ़ने वाला केवल सोना खरीदने और सोने के दाम पता करने के लिये ही अखबार खरीदता और पढ़ता है । 

चंद प्रतिष्ठित मीडिया को अपवादस्वरूप अगर छोड़ दें तो बाकी बकाया मीडिया को यह पता ही नहीं कि हर अखबार खरीदने पढ़ने वाला साग सब्जी और रोटी तो जरूर ही खाता है ।   

साग सब्जी रोटी हर आदमी जन्म से लेकर मरने तक संग संग ढोता खाता है , अपने संग बंधे चिपके और आश्रित परिवार वालों के पेट के लिये , जब वह जन्म के समय पेट साथ लेकर आता है और मरने तक इसी पेट को संग लिये घूमता है , तब तक कोई इसे मेहनत और ईमानदारी की ईंधन की खुराक डाल कर देह की गाड़ी चलाता है , भले ही उसकी स्पीड 500 मीटर प्रति घंटा हो या बेईमानी, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार ए दो नंबर , चार नंबर की औंधी सीधी कमाई का आलीशान मंहगा एयर पेट्रोल का ईंधन भर कर शताब्दी की स्पीड 140 किलो मीटर प्रतिघंटा या हवाई जहाज की स्पीड 600 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से इस नामुराद देह की गाड़ी चलाता या उड़ाता हो । 

बहरहाल ये साफ है कि जैसे हर स्कूटर मोटर सायकल वाले को पैदल चलता आदमी ओछा और छोटा तुच्छ गरीब इंसानी कीड़ा मकोड़ा नजर आता है तो हर कार वाले को स्कूटर मोटर सायकल वाले भी ऐसे ही नजर आते हैं , तो हर और बड़ी गाड़ीयों वालों जैसे बी एम डब्ल्यू, राल्स रायस या एम्पाला वालों को ये कारों वाले भी बड़े तुच्छ और ओछे छोटे कीड़े मकोड़े नजर आते हैं । क्या करिये इंसान की फितरत ही यही है , ग्वालियर के किले पर सास बहू यानि कि सहसबाहू के मंदिर से नीचे देखेंगे तो पूरा ग्वालियर ही , सब ई एम डब्ल्यू , बी एम डब्ल्यू , रेल गाड़ी अताब्दी शताब्दी , राजधानी वगैरह सब के सब ही रेंगते हुये छोटे मोटे तुच्छ और ओछे कीड़े मकोड़े नजर आने लगते हैं , यह फितरत नहीं , हकीकत है , दृष्टिकोण और दृष्टि युक्तिकरण है । और ऊपर लिखे बाकी सब इंसानी अहंकारी फितरत के दृष्टिभ्रम हैं । 

बिल्कुल कुछ ऐसा ही है , मीडिया भी एक दृष्टिभ्रम में रहता और चलता है , और जहां तक संभव हो यथार्थ व सचाई के धरातल से बचता है , वरना सच लिखने का कहने का ( नेता भी इसमें शामिल समझिये) अंजाम यह होगा कि जिनका सच कहा बोला  लिखा जाये उनके पास तो फूटी छदाम नहीं है देने को और जो दे सकते हैं या जिनकी कृपा से या वरद हस्त से मीडिया चलता है या विज्ञापन वगैरह या बिना विज्ञापन दो नंबर में कुछ मिल मिलू जाता है वही लोग इस देश का असत्य हैं , गलत काम करने वाले , भ्रष्ट बेईमान और रिश्वतखोर हैं , अब उनकी कृपा ओर पैसे से से ही मीडिया चलना है । तो गरीब आम आदमी तब जाकर एक छपा अखबार या टी वी चैनल पर कुछ खबर पढ़ या देख पाता है । सो मीडिया भी साग सब्जी के दामों की आवाज उठाने के बजाय सोने के ही दाम बतायेगा जिसे आम गरीब आदमी देख सुन तो ले और अखबार या चैनल को बहुत बड़ा माने और समझे , चमक दमक दीखे भले ही सारे कपड़े उतार कर दीखे मगर चमचमाती चीज दीखे , चकाचौंध में आखें चौंधिया जायें तो और देखने पढ़ने वाला बाकी सब गम , परेशानियां और समस्यायें बिसरा दे और ध्यान भूल कर सोने के दामों को राष्ट्रीय चर्चा व महत्व का विषय समझे । 

अगर साग सब्जी जैसे मसले और चीजें टी वी चैनल पर या अखबारों में देखने पढ़ने को मिलेंगी तो चमक दमक का खेल खत्म हो जायेगा और ओछी व तुच्छ चीजें नेशनल लेवल पर दिखने लगेंगी और राष्ट्रीय चर्चा , महत्व और प्रोटेस्ट का आधार बन जायेंगी , दाम यकायक गिरकर बाबाज के लंगोट के माफिक कम और कम होते जाकर ऐसे धड़ाम से गिरेंगें जैसे लंगोट की पट्टी अचानक से खुल कर बिकनी की तरह फस्स् और सररर करती खिसक गई हो । गोया किसान से खरीदी कोई चीज पांच रूपया प्रति किलों केवल दह रूपये प्रतिकिलो के दाम पर आ जायेगी । 

मतलब ये कि जब बेचने वाला ही एक रूपये प्रतिकिलो के मुनाफे पर धंधा करेगा तो , बाकी दल्ले , नेता , अफसर , और लग्गा तग्गा मसलन मीडिया और .... वगैरह वगैरह कहां से पलेंगें , कहां से खायेंगें । उसी चीज को जब पचास रू प्रतिकिलो बेचा जायेगा तो बेचने वाले को भी पांच रू मुनाफे के और बाद बाकी , चुनाव टाइम पर नेताओं और पार्टीयों को चंदा , मंडी में दूकान या ठेला लगाने की रोजाना की नगरनिगम या नगरपालिका की रोजनदारी वसूली , पुलिस वाले बीट प्रभारी का लेन देन, और बीच बीच में बीट प्रभारी के बजाय फीती लगाये आ जाने वाले सिपहिया , जब तब पत्रकार और न जाने कितनों के हिसाब किताब के बाद अगर पांच रू प्रति किलो किसान से खरीदी चीज कोल्ड स्टोरेज में डाल कर बी एच सी यानि बैंजीन हैक्सा क्लोराइड और मैलाथियान तथा भैंस का इजेक्शन लगाकर लंबी मोटी कर बढ़ाई गईं सब्जियां जैसे लौकी , तोरई , कद्दू , बैंगन , खीरा  और  सेम आदि इन सबके खर्चों को निकाल कर अपने आप ही दाम उस पांच रू का पचास रू हो ही जाता है । 

मतलब साफ है ,कोल्ड स्टोरेज किसान को भी खा रहे और लूट रहे हैं तो जनता यानि आम आदमी को भी । एक बार मुरैना में हजारों टन आलू कोल्ड स्टोरेजों को बाहर सड़क पर यानि हाई वे पर फेंकना पड़ा था , ऐसा तब हुआ जब नया आलू किसान ले आया और वह कोल्उ स्टोरेज वाले आलू से पच्चीस गुना सस्ता था । लिहाजा कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने वाले व्यापारियों ने कोल्ड स्टोरेजों का मासिक किराया देना बंद कर दिया और नया माल ( आलू ) खरीद  कर कोल्ड स्टोरेज ले जाना शुरू कर दिया ,बाजार में उस समय आम आदमी को कोल्ड स्टोरेज वाला आलू चालीस से पैंतीस रू प्रति किलो बेचा जा रहा था , मगर किसान का नया आलू मंडी में पांच रू प्रतिकिलो और मोहल्लों घरों में वह आठ रूपये और सात रू प्रतिकिलों के दाम पर हाथठेले वालों द्वारा बेचा जाने लगा तो , ऐसी सूरत में वही चालीस पैंतीस रू प्रतिकिलो वाला कीटनाशक दवायें मिला हुआ हजारों टन आलू सड़कों पर फेंकना पड़ा  । 

उक्त घटनाक्रम से जाना जा सकता है कि सिस्टम में दोष कहां पर है , अलबत्ता कोल्ड स्टोरेजों की स्थापना इसलिये की गई थी कि किसान अपना माल यानि फसल उसमें रख सके और साल भर साग सब्जी आम जनता को हर मौसम में मिल सके , इसलिये नहीं कि दलाल , व्यापारी और विक्रेता , किसी किसान से सस्ते में माल खरीद कर सालभर मुनाफाखोरी , ब्लेकमार्केटिंग के लिये जमाखोरी कर सकें । 

किसी किसान ने अपना माल कोल्डस्टोरेज में रखा होता तो न कभी साग सब्जी के दाम बढ़ते और किसान आज तक इतना गरीब , परेशान और मजबूर व लाचार ही नहीं होता । सरकार अगर मंडी में फसल खरीदने और तुलाई के लिये किसानों का पंजीयन कर एस एम एस से नंबर लगवाती है कि केवल किसान ही बेच पाये अन्य कोई दलाल या व्यापारी नहीं ,तो फिर कोल्ड स्टोरेजों और बेयर हाउसों के लिये केवल किसान ही इनमें अपनी फसल की उपज रख सके , यह अनिवार्य क्यों नहीं करती , किसानों की भी समस्या हल होकर परेशानी खत्म हो जायेगी , किसानों के खाते की फसल की मेहनत की , लागत की मुनाफे की समस्या ही समाप्त हो जायेगी और आम जनता को भी पांच रू की चीज पचास रू प्रतिकिलो में लेने की फर्जी व कृत्रिम मंहगाई से हमेशा के लिये मुक्ति मिल जायेगी , किसान भी चैन से अपना परिवार पाल सकेगा और दो रोटी शान व इज्जत से खा सकेगा और आम आदमी भी जो आज केवल साग सब्जी के दाम पूछ कर मन मसोस कर लाचार होकर रह जाता है और देशी घी की तरह सब्जी वाले के ठेले के दर्शन कर पाव भर , या आधा किलो एकाध चीज कभी कभार खरीद कर रह जाता है और हर चुनाव के बाद हर सरकार से आस लगाता है कि अब दाम कम हो जायेंगें और हम चैन से ख पी सकेंगें । 

सरकारी साग रोटी खा रहे नेताओं और अफसरों को यह सारी बातें समझ नहीं जायेंगीं क्योंकि उनका समझदानी का लेवल हाई ( गोल्ड यानि सोने के लेवल ) रहता है और ये साग सब्जी , आम आदमी वगैरह जरा लो लेवल की बातें हैं , सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों के लेवल की बातें हैं । 

दूसरी भाषा में कहें तो ..... रोजाना खपत होने वाली चीजों को नकदी की यानि रोजाना मुनाफा देने वाली चीजें कहा जाता है , मसलन ... माचिस , नमक , साग सब्जी , तेल , दाल , मसाले ( हर कोई नहीं डालता) आदि रोजाना बिकने , खपत होने वाली चीजें हैं और हर आदमी के इस्तेमाल की चीजें हैं , अगर यही आम आदमी से दूर हो गयीं और बेतहाशा बेलगाम मंहगीं इसी तरह ही रहीं और होतीं रहीं तो ...... भई हम तो इसी तरह लिखते रहेंगें , और ग्वालियर टाइम्स इसी तरह प्रकाशित प्रसारित करती रहेगी ।   

कोरोना पर पूरी सावधानियां रखें पर यह भी ध्यान रखें कि अर्थव्यवसथा पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े - मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना के संबंध में प्रदेश में सभी सावधानियां पूरी तरह बरती जाना चाहिएं परंतु साथ ही इस बात का पूरा ध्यान भी रखा जाना चाहिए कि अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। हमें कोरोना संक्रमण को रोकना है साथ ही अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करना है। कोरोना नियंत्रण के संबंध में शासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के स्थान पर जनता को आत्मानुशासन के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में राजस्व संग्रहण संबंधी बैठक ले रहे थे। बैठक में वाणिज्यकर मंत्री श्री जगदीश देवड़ा, खनिज साधन मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव श्री मनोज गोविल, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी आदि उपस्थित थे।

बैठक में विभागवार राजस्व संग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष जहां आबकारी आय में कमी होने का अनुमान है वहीं खनिज आय में वृद्धि अनुमानित है। आबकारी आय में विभाग से 9 हजार 300 करोड़ का अद्यतन अनुमान प्राप्त हुआ है। खनिज आय में बजट अनुमान 4 हजार 982 करोड़ के विरूद्ध 5 हजार करोड़ का अद्यतन अनुमान है। परिवहन आय में 2 हजार 500 करोड़ बजट अनुमान के विरूद्ध 2 हजार 500 करोड़ का ही अद्यतन अनुमान है। इसी प्रकार स्टाम्प एवं पंजीयन में वृद्धि अनुमानित है। इसके अंतर्गत बजट अनुमान 5 हजार करोड़ के विरूद्ध 5 हजार 600 करोड़ का अद्यतन अनुमान है।

प्रदेश में वाणिज्यिक कर में सितम्बर माह में गत वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें इस वर्ष 17 हजार 763 करोड़ रूपए का अद्यतन अनुमान है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष वैट में भी वृद्धि अनुमानित है। वैट में बजट अनुमान 11 हजार 715 करोड़ के विरूद्ध इस वर्ष 13 हजार 9 करोड़ का अद्यतन अनुमान है।

गत वर्ष की तुलना में 31 अक्टूबर 2020 तक की स्थिति

बैठक में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 31 अक्टूबर तक की राजस्व आय की समीक्षा में बताया गया कि इस अवधि तक प्रदेश में वाणिज्य कर का 18 हजार 775 करोड़ का संग्रहण हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में 1.50 प्रतिशत कम है। इसी प्रकार स्टाम्प एवं पंजीयन में 2 हजार 948 करोड़ का संग्रहण हुआ है, जो गत वर्ष की तुलना में 9.72 प्रतिशत कम है। आबकारी में 4 हजार 649 करोड़ करोड़ का संग्रहण हुआ, जो कि गत वर्ष की तुलना 24.87 प्रतिशत कम है। आबकारी को छोड़कर शेष सभी मदों में वर्ष के शेष समय में राजस्व संग्रहण में गत वर्ष की तुलना में वृद्धि अनुमानित है।

टीएल बैठक में समर्थन मूल्य पर खरीदी पर चर्चा, चयनित शाखाओ मेंं सी एम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों को एक सपताह में निराकृत करें - कलेक्टर

 

कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में टीएल बैठक का आयोजन आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभागार में किया गया। जिसमें समर्थन मूल्य परं ज्वार, बाजरा, धान की खरीदी के लिए बारदाना आदि के इंतजामों पर चर्चा की गई। 
   बैठक में एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय, एआरसीएस श्री रवीन्द्र कुमार शर्मा, डीएमओ श्री मनीष नागौरे, जीएम नागरिक आपूर्ति निगम श्री एके द्विवेदी, कलेक्टर कार्यालय के ओएस श्री दीलिप बंसल एवं कलेक्टर कार्यालय की विभिन्न शाखाओ के कर्मचारी उपस्थित थे।
   कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में कहा कि समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा, धान की खरीदी के लिए सभी केन्द्रो पर बारदाना के इंतजाम किये जावे। साथ ही परिवहन व्यवस्था को प्रभावी बनाया जावे। उन्होने कहा कि किसानो की रबी फसलो की बोनी के लिए पर्याप्त मात्रा में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित की जावे। उन्होने कहा कि परिवहन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में ट्रांसपोर्टर द्वारा माल नही उठाने पर उसे ब्लैक लिस्टेड किया जावे। साथ ही उसकी जगह दूसरे ट्रांसपोर्टर को उन्ही निर्धारित दरो पर लगाया जावे।
   कलेक्टर ने कलेक्टर कार्यालय की विभिन्न शाखाओ मे लंबित सीएम हेल्पलाइन एवं सीएम तथा पीएम पीजी के प्रकरणों की समीक्षा की। साथ ही लंबित प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करने के निर्देश विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों को दिये।

चयनित विभागो में लंबित सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणो की समीक्षा

   कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में चयनित विभाग राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगर पालिका, लोक शिक्षण, कृषि, सामाजिक न्याय, लोक स्वास्थ्य यात्रिकी, आदिम जाति कल्याण, लीड बैंक, वन, उर्जा एवं स्वास्थ्य विभाग के अतंर्गत सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। साथ ही विभागीय अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणो का निराकरण एक सप्ताह मे करने के दिशा-निर्देश दिये।

रोको-टोको अभियान कल से जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक आयोजित, कोरोना संकट में सुरक्षित जीवन के लिए मास्क उपयोगी-कलेक्टर

 

कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि नोबल कोरोना वायरस संक्रमण केश अभी भी आ रहे है। जिनके मद्देनजर राज्य शासन द्वारा नई गाइडलाइन जारी की है। जिसमें कोरोना संकट में सुरक्षित जीवन के लिए मास्क को अनिवार्य किया गया है। उन्होने कोरोना से सुरक्षित रहने के लिए सोशल डिस्टेसिंग का पालन के साथ घर से निकलते समय मास्क का उपयोग करने की जानकारी आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर में सभागार में आयोजित संकट प्रबंधन समूह की बैठक में दी।
   बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय, विधायक श्री बाबू जण्डेल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिहं चौहान, श्री सत्यभानू सिहं चौहान, अन्य समिति सदस्य श्री कैलाश नारायण गुप्ता, डॉ एसके तिवारी, विधायक प्रतिनिधि श्री गिर्राज सर्राफ, एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री वीएस रावत, होमगार्ड के कमाण्डेट श्री कुलदीप मलिक, जिला महिला बाल विकास अधिकारी श्री ओपी पाण्डेय, सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल, क्षेत्र    संयोजक आजाक श्री एमपी पिपरैया, कलेक्टर कार्यालय के ओएस श्री दीलिप बंसल, कोविड प्रभारी श्री योगेश जादव, श्री कृष्णकांत उपस्थित थे।
   कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा रोको-टोको अभियान 24 नवंबर से चलाने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत मास्क को लगाना अनिवार्य किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा मास्क नही लगाने वालो पर 100 रूपये का जुर्माना किया जावेगा। जिसमें पुलिस द्वारा दो मास्क संबंधित को दिये जावेगे। उन्होने कहा कि कोरोना संकट के दौरान सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जावे। साथ ही सेनेटाईज रहकर कोरोना से सुरक्षित रहे। उन्होने कहा कि शादी समारोह के लिए शासन के निर्देशो का पालन किया जावे। जिसमें वर-वधु पक्ष के 50-50 व्यक्ति शामिल रहेगे। इससे अधिक की स्वीकृति संबंधित क्षेत्र के एसडीएम से लेनी होगी।
   पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय ने बैठक में कहा कि कोरोना का खतरा अभी जारी है। जिसमें मद्देनजर गृह विभाग द्वारा नवीन निर्देश जारी किये गये है। उन्होने कहा कि कोरोना के खतरे से निजात पाने के लिए मास्क का उपयोग किया जावे। साथ ही सेनेटाईज रहकर सोशल डिस्टेसिंग का पालन किया जावे। जिससे कोरोना संकट से निजात मिलेगी। साथ ही स्वयं परिजन भी सुरक्षित रहेगे। उन्होने जनप्रतिनिधियो और नागरिको से भी शासन की नई गाइडलाइन का पालन करने की भी अपेक्षा की।
बैठक में पूर्व विधायक श्री बृजराज सिहं चौहान, श्री सत्यभानू सिहं चौहान, अन्य समिति सदस्य श्री कैलाश नारायण गुप्ता ने बैठक में सुझाव दिये कि नोबल कोरोना वायरस का खतरा अभी भी बरकरार है। जिसके लिए शासन द्वारा गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
   जिसमें मास्क का उपयोग करना, सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना और सेनेटाईजर के उपयोग को अनिवार्य किया गया है।

राज्य शासन के नवीन निर्देशो की बैठक में दी जानकारी

   कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक में राज्य शासन द्वारा जारी नवीन निर्देशो की जानकारी दी। जिसमें प्रदेश में कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष किसी भी जिले, शहर, क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जायेगा। अन्तर्राज्यीय एवं अन्तरजिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा। अधिक संक्रमण के जिलों इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम एवं विदिशा में 21 नवम्बर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रात 6 बजे तक दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे तथा नागरिक अति आवश्यक होने पर ही इस अवधि में आवागमन कर सकेंगे। औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी।
   इसी प्रकार कक्षा 1 से 8वीं तक के समस्त स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं तथा कॉलेज के छात्र-छात्राएँ विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप गाइडेंस के लिए स्कूल/कॉलेज आ सकेंगे। फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेसेस में समस्त नागरिक करें।

श्रीरामेश्वर मेला इस वर्ष नही लगेगा

   कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय संकट प्रबंधन समूह की बैठक में प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने अवगत कराया कि नोबल कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए इस वर्ष श्रीरामेश्वर मेला नही लगेगा। मेला लगाना प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासनिक दृष्टि से फिर भी सुरक्षा व्यवस्था लगाई जावेगी। 

मीडिया अवेयरनेस कार्यशाला आज

 वर्ल्ड एन्टी बायटिक अवेयरनेस वीक के अवसर पर मीडिया अवेयरनेस कार्यशाला का आयोजन जिला चिकित्सालय श्योपुर द्वारा 24 नवंबर 2020 को प्रातः 11.30 बजे से जिला चिकित्सालय श्योपुर में मीटिंग हॉल में किया गया है।

   सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ आरबी गोयल द्वारा इस कार्यशाला में संबंध में सभी संबंधितो को सूचना जारी कर दिया गया है।

राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का हुआ शुभारंभ

 

कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह का शुभारंभ जिला चिकित्सालय श्योपुर पर आज नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष श्री दौलतराम गुप्ता की उपस्थिति में किया गया। यह सप्ताह 29 नवंबर तक आयोजित किया जावेगा।
    नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष श्री दौलतराम गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में शिशु मृत्युदर को कम करने के प्रयास किये जा रहे है। साथ ही शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए सप्ताह का आयोजन किया गया है। जिसके अंतर्गत सप्ताह में जिले के जीरो से 28 दिन के समस्त बच्चो की घर पर भेंट कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण, आशा कार्यकर्ता, आशा सहयोगी, एएनएम, सीएचओं आदि के द्वारा किया जावेगा। ताकि इस उम्र के बच्चो में खतरे के लक्षणो का पता कर उनका त्वरित उपचार सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ आरबी गोयल, चिकित्स एवं अन्य कर्मचारी और बच्चे तथा उनकी माताएं उपस्थित थी।

गुरू ने बदली राशि , शनि गुरू अब हुये एक साथ एक ही राशि में , जानिये क्या होगा इसका अर्थ और असर

 

- नरेन्द्र सिंह तोमर ‘’आनन्द’’ , एडवोकेट एवं

सी ई ओ तथा प्रघान संपादक , ग्वालियर टाइम्स ग्रुप

 

कल दिनांक 20 नवम्बर 2020 शुक्रवार को , गुरू जैसे बृहद प्रभावकारी गृह ने राशि परिवर्तन दोपहर करीब डेढ़ बजे किया और अब तक धनु राशि में गोचर कर रहे , चल रहे गुरू अब मकर राशि में आ चुके हैं ।

हालांकि धनु राशि  गुरू की ही राशि है और धनु  के स्वामी गुरू  के ही घर में गुरू अभी तक निवास कर रहे थे । और कल से वे अब शनि की ही दूसरी राशि अर्थात मकर राशि में ( शनि के ही घर में ) अब रहने आ गये हैं । इस घर की खास बात यह है कि इस राशि मकर का स्वामी यानि इस घर का मालिक भी यहीं इसी घर में पहले से ही मौजूद है । गुरू को अब शनि के साथ शनि के घर में आगामी समय में फिलहाल रहना है ।

ज्योतिषीय परिकल्पना और आकलनों के मुताबिक शनि और गुरू एक दूसरे के धुर विरोधी ग्रह हैं । और दोनों में परस्पर विरोध और वैमनस्यता रहती है । गुरू एकदम से शनि के विपरीत गुण रखते हैं ।

इस सारे ग्रहीय परिवर्तन में कुछ आवश्यक गणित पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है , मसलन दोनों ग्रहों के अंश और प्रभाव के साथ दोनों ग्रहों की चालें , अस्वाभाविक चालें जैसे कि वक्री, अस्त, उदय और अतिचारी चालें आदि ।

पहले तो यह कि मकर राशि में शनि , अपने खुद के ही घर में बैठे हैं , और गुरू अपनी नियमित चाल चलते चलते शनि के घर आ पहुंचा है और वहां अब शनि के साथ ही उसे वक्त गुजारना है , शनि इस समय आज की तारीख तक नवजात अवस्था में हैं अर्थात नवजात शिशु जैसे हाल व अवस्था में हैं , मतलब शनि इस वक्त बेअसर हैं और अपना अच्छा बुरा कुछ भी असर या प्रभाव दिखाने की हालत में नहीं हैं ।

और गुरू ने तो कल ही अपना गोचर इसी घर में यानि मकर राशि में शुरू किया है । इसलिये स्वाभाविकत: और प्राकृतिक रूप से गुरू कल ही जनमे हैं और वे भी इस समय आज दिनांक को नवजात शिशु वाली अवस्था में हैं । इसलिये वे प्रभावहीन और बेअसर हैं ।

इन दो नवजातों के एक घर में होने और फिलहाल एक ही पलकी में झूलने का अर्थ भी जानना ज्योतिषीय दृष्टिकोण से परम आवश्यक है , इसके लिये दोनों ग्रहों की चालों और गतियों का अध्ययन परम लाजमी है ।

विशेष खगोलीय घटना :- भारतीय ज्योतिषीय पद्धति जिसे चान्द्र पंचांग कहा जाता है और चन्द्रमा की गति पर आधारित तिथ्यादि से निर्धारित होता है , के मुताबिक तथा भारतीय सौर सिद्धांत के भी मुताबिक , इसके साथ ही वर्तमान आधुनिक विज्ञान ( फिजिक्स एंड एस्ट्रोनोमिकल ) वैज्ञानिक अनुसंधान केन्द्रों के मुताबिक 21- 22 जून को सबसे बड़ा दिन और इनके बीच की रात साल भर में सबसे छोटी रात होती है , इसी प्रकार 21 -22 दिसम्बर को सबसे छोटा दिन और इनके बीच की रात साल भर की सबसे बड़ी रात होती है ।

इसी 21 -22 दिसम्बर 2020 को इस साल यह दोनों नवजात ग्रह शनि और गुरू मकर राशि में एक साथ , एकदम समान अंशों पर आयेंगें । संयोगवश यह एक विचित्र स्थिति इन दोनों ग्रहों की उसी वक्त घटित होगी जब दिनमान और रात्रिमान में सालाना बदलाव हो रहा होगा । और इस दिन ही यह दोनों ग्रहों नवजात अवस्था से किशोर अवस्था की ओर बढ़ने से पहले एक ही समान अंश पर होंगें और एक दूसरे के साथ होगें एक ही राशि या एक ही घर में ।

ज्योतिष में समान अंश पर एक ही राशि में ग्रह होने पर उन ग्रहों की अमावस बन जाती है, अर्थात स्पष्ट है कि शनि और गुरू की पारस्परिक इस दिन अमावस बन जायेगी । कुल मिलाकर शनि और गुरू प्रभावित लोगों या इन दोनों से प्रभावित प्रकृति में उपलब्ध चीजों के लिये यह समय अमावस का समय होगा , जिसका अर्थ है कि होगा तो सब कुछ उपलब्ध , मगर दिखेगा नहीं । नजर नहीं आयेगा , न तो मार्ग और न मंजिल , कुछ भी नजर नहीं आयेगा ।

इस सब में गुरू की चाल स्पष्ट हो जाती है कि चंद रोज में गुरू का शनि को अमावस दे देने का अर्थ है कि गुरू की चाल अतिचारी रहेगी और गुरू का मकर राशि में गोचर प्रचंड गति से चलेगा , अतिचारी गुरू की चाल इतनी तेज होगी कि आज शून्य अंश पर चल रहे गुरू , एकदम से ही 05 अप्रेल 2021 को अर्थात महज चार साढ़े चार महीने में ही राशि बदल देंगें और शनि की ही दूसरी राशि कुम्भ राशि में यानि शनि के दूसरे घर में , प्रवेश कर जायेंगें । गुरू की इस दरम्यान अर्थात 05 अप्रेल तक की अतिचारी चाल काफी अर्थ रखती है और शनि के साथ चलते , शनि उस वक्त जब गुरू राशि बदलेंगें 05 अप्रेल को अपनी पूरी युवा अवस्था में 16- 17 अंश पर होगा ।

शनि और गुरू के इन अंशों और चालों के अनेक अर्थ और मायने हैं , शनि 07 जनवरी 2021 को अस्त होंगें और 09 फरवरी को उदित होंगें । शनि इस समय होशोहवास में किशोरावस्था में होंगें ।

इन ग्रहों के एक राशि में गोचर करने और अतिचारी गुरू के कारण राजनैति उथलपुथल और क्या क्या घटनाक्रम घटेंगे , आप पर सीधे सीधे इसका क्या असर पड़ेगा , इसकी व्याख्या और विश्लेषण -: -

( शेष भाग कल के अंक में जारी रहेगा ........... ... )

www.gwaliortimeslive.com

www.gwaliortimes.in

Narendra Singh Tomar “Anand”

42 Gandhi Colony

Morena M.P.

Whatsapp : 9425738101

7000998037

      


राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक ( नाबार्ड) की जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित

 

सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय बैठक मे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में श्योपुर जिले के लिए कुल प्राथमिकता क्षेत्र मे लगभग रूपये 2198.48 करोड़ की संभाव्यता युक्त ऋण योजना तैयार की गई। बैठक में सीईओ जिला पंचायत द्वारा ऋण योजना पुस्तिका का विमोचन किया।
    इस अवसर पर जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड श्री राजा जी अय्यर, एलडीएम श्री सुरेन्द्र पाठक, सहित सभी बैंकों के जिला समन्वयक, बैंकर्स, शासकीय विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
    सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल ने नाबार्ड द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार ऋण वितरण करने के निर्देश सभी बैंक अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक श्री राजा जी अय्यर ने ऋण योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होने बताया की पीएलपी मे कृषि ऋण के लिए रुपये 1593.03 करोड़, कृषि मियादी ऋण के लिए रुपये 520.15 करोड़, कृषि अधोसंरचना के लिए रुपये 1965.76 करोड़, सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम इकाईयों के लिए रुपये 254.40 करोड़ और अन्य प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रो के लिए रुपये 240.14 करोड़ की संभाव्यता का आकलन किया गया है।
    नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक श्री राजा जी अय्यर ने बताया की भारत सरकार, राज्य सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2021-22 के संभाव्यता युक्त ऋण योजना की थीम “किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उपज का समूहन” रखी गई है। इस वर्ष की पीएलपी मे प्रमुख महत्व वाले क्षेत्र जैसे किसानों की आत्म निर्भर भारत, आत्म निर्भर मध्य प्रदेश, आय दोगुनी करना, कृषक उत्पादक संगठन, डेयरी विकास, खाद्य प्रसंस्करण, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण और कौशल भारत योजना पर विशेष जोर दिया गया है।

अटल प्रोग्रेस-वे एवं रेलवे भू-अर्जन के कार्य त्वरित गति से पूर्ण करें- मिश्रा

 

आयुक्त चंबल संभाग श्री आरके मिश्रा ने कहा है कि राज्य सरकार की महत्वांकाक्षी योजना अटल प्रोग्रेस-वे के भूमि अधिग्रहण एवं रेलवे भू-अर्जन के कार्य को त्वरित गति से करें। साथ ही कुपोषण से जंग की दिशा में सहरिया परिवार की महिला मुखिया को एक हजार रूपये की राशि पोषण आहार के रूप में उनके बैंक खाते में डालने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। वे आज कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के सभागार में बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।
    इस अवसर पर कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल, प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय, डिप्टी कलेक्टर श्री बिजेन्द्र सिंह यादव, डीपीओ महिला बाल विकास श्री ओपी पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीएस रावत, सहायक आयुक्त आजाक श्री एमपी पिपरैया, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन श्री सुभाष गुप्ता, पीआईयू श्री विपिन सोनकर, महिला सशक्तिकरण अधिकारी श्री रिशु सुमन, तहसीलदार वीरपुर श्री वीरसिंह अवासिया, विजयपुर श्री धर्मेन्द्र चौहान, बडौदा श्री भरत नायक एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
    चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार की महत्वांकाक्षी योजना अटल प्रोग्रेस-वे एवं रेलवे भू-अर्जन के कार्य को त्वरित गति सें करे। साथ ही अटल प्रोग्रेस-वे के अंतर्गत जिन किसानो की भूमि आ रही है। उन किसानो को उनकी जमीन से दोगुनी भूमि मुहैया कराने के प्रंबंध मैदानी अमले द्वारा किये जावे। इस पर कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अटल प्रोग्रेस-वे के अंतर्गत 54 ग्राम आ रहे है। उनका कुल 951 हेक्टयर रकबे की भूमि अधिग्रहित की कार्यवाही जारी है। 408 किसानो द्वारा अपनी भूमि के लिए सहमति भी दे दी है।
    आयुक्त चंबल श्री आरके मिश्रा ने ग्वालियर-श्योपुर रेलवे ब्रॉडगेज की समीक्षा करते हुए कहा कि ब्रॉडगेज के कार्य को अधिकारी गति प्रदान करें। जिससे रेलवे ब्रॉडगेज का कार्य समय सीमा में पूर्ण किया जा सके। यह रेलवे ब्रॉडगेज से आने वाली नई पीढी विकास और तरक्की की ओर अग्रसर करेगा। साथ ही इस ब्रॉडगेज के लिए भू-अर्जन के प्रकरण तैयार कर आवार्ड पारित करने की कार्यवाही को अंतिम रूप प्रदान करें। इस पर कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रेलवे भू-अर्जन के कार्यवाही लगातार की जा रही है। भू-अर्जन अंतर्गत 44 प्रकरण में से 38 प्रकरण आवार्ड पारित करने की स्थिति में है। साथ ही 06 प्रकरण दिसम्बर अंत तक पूर्ण किये जावेगे। इस कार्य में 75 प्रतिशत कार्य नवंबर माह तक पूर्ण हो जावेगा एवं शेष कार्य दिसम्बर अंत तक पूर्ण कर लिया जावेगा। साथ ही वन विभाग की भूमि के लिए भी शासन को सरकुलर बनाकर भेजने की कार्यवाही की जा रही है।
    कमिश्नर चंबल श्री आरके मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की कुपोषण से जंग की दिशा में सहरिया परिवार की मुखिया महिला को पोषण आहार के रूप में दी जाने वाली एक हजार रूपये की सहायता राशि से कोई भी पात्र हितग्राही वंचित ना रहे। सभी पात्र हितग्राहियों को पोषण के आहार के रूप में मिलने वाली एक हजार रूपये की राशि उनके बैंक खातो में डाली जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जावे, एवं मैदानी स्तर पर पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव एवं आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारी प्रत्येक सप्ताह ग्राम में जाकर पोषण आहार के लिए मिलने वाली एक हजार रूपये की राशि की जानकारी हितग्राहियो से प्राप्त करें।
    कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने कहा कि कृषि विभाग रबी सीजन वर्ष 2020-21 के अंतर्गत यूरिया, डीएपी की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में रखे। जिससे रबी सीजन की फसलो के लिए किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिल सकें। साथ ही किसी भी प्रकार की किसानो को उर्वरको से संबंधित समस्या ना उठानी पडे। इसी प्रकार उन्होने जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची वितरण की समीक्षा की। इस दौरान उन्हे बताया कि माह नवंबर की शत प्रतिशत खाद्यान्न पात्रता पर्ची बांटी जा चुकी है। साथ ही अभी तक 54 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण भी पात्रता पर्ची के माध्यम से कराया जा चुका है।
    आयुक्त चंबल श्री आरके मिश्रा ने कहा कि आदिम जाति एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों एवं स्कूलो में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित किया जावे। साथ ही छात्र/छात्राओ को कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क, सेनेटाईजर के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग के तरीके भी बताए जावे। जिससे छात्र/छात्राओं में कोविड-19 से बचने के लिए जागरूकता आयेगी। उन्होने कहा कि आयुष एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 से बचाव की गतिविधियों को जारी रखे। कोविड-19 महामारी में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरती जावे।
    कमिश्नर श्री मिश्रा ने महिला बाल विकास की समीक्षा करते हुए कहा कि स्कूल एवं आगनबाडी केन्द्रो की साफ-सफाई समय सीमा में करा ली जावे। साथ ही प्रधानमंत्री मातृत्व बंधना योजना एवं लाडली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत तय लक्ष्यो को समय सीमा में पूर्ण किया जावे। उन्होने ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियो से कहा कि आगामी समय में पंचायत के चुनाव संभावित है। वर्तमान में चल रहे विकास कार्यो को समय सीमा में पूर्ण किया जावे। इसी प्रकार उन्होने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के लिए बिन्दु जारी हो चुके है। सबंधित विभाग के द्वारा बिन्दुओ पर कार्यवाही की जावे। साथ ही जिले की प्रगति निरंतर सामने आना चाहिए। तकनीक का पूरा उपयोग किया जाए। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत जिला रोजगार के अपने लक्ष्य तय करें।
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि जिले में स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन के माध्यम से सर्वे का कार्य जिले की वीरपुर तहसील में पूर्ण किया जा चुका है। इसके पश्चात् सर्वे का कार्य विजयपुर तहसील में किया जावेगा। आबादी सर्वे के कार्य के पश्चात् ग्राम स्तर पर सर्वे ऑफ इंडिया के माध्यम से ग्रामों के नक्शे प्रदान किये जावेगे। इसी प्रकार उन्होने बैठक में बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री सम्मान निधि योजना के अंतर्गत बेरीफिकेशन का कार्य मैदानी अमले द्वारा किया जा रहा है। अभी तक बेरिफिकेशन का कार्य 78 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार श्योपुर जिले में रूलर डबलपमेंन्ट एवं शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से शहर की मुख्य रोडो से ट्रेफिक को डार्यवट करने के लिए वैकल्पिक सडके बनाने का प्लान तैयार किया जा रहा है। साथ ही श्योपुर के लिए ट्रांसपोर्ट नगर एवं बस स्टेण्ड की बनाने की कार्य योजना भी तैयार की जा रही है।

कांग्रेस सरकार द्वारा विभिन्न मदों से स्वीकृत आंगनवाड़ियों में 1700 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण पूर्ण

 चंबल संभाग के तीनों जिले मुरैना, भिण्ड और श्योपुर में विभिन्न मदों में स्वीकृत हुई आंगनवाड़ी भवनों से 1 हजार 700 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।

      चंबल संभाग के कमिश्नर श्री आरके मिश्रा ने एक समीक्षा के दौरान बताया कि चंबल संभाग के तीनों जिलों में वर्ल्ड बैंक से स्वीकृत 471 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य शतप्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है, इनमें सर्वाधिक 162 आंगनवाड़ी भवन श्योपुर जिले में, 160 भवन मुरैना में और 149 आंगनवाड़ी भवन भिण्ड जिले में स्वीकृत हुये थे। इसमें सभी आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
    इसी प्रकार 13वे वित्त आयोग मद से तीनों जिलों में स्वीकृत 508 आंगनवाड़ी भवनों में से 448 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 60 आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्य निर्माणाधीन है। मुरैना जिले में स्वीकृत 175 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 155 आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। 20 आंगनवाड़ी निर्माणाधीन है। भिण्ड जिले में स्वीकृत 184 आंगनवाड़ी भवनों में से 144 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 40 का कार्य प्रगति पर है। श्योपुर जिले में स्वीकृत 149 भवनों में सभी आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। आई.सी.डी.एस मिशन मद से स्वीकृत 180 आंगनवाड़ी केन्द्रों का निर्माण कार्यपूर्ण कर लिया गया है। मुरैना जिले में स्वीकृत 79 आंगनवाड़ी भवनों में से 68 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। भिण्ड जिले में स्वीकृत 321 भवनों में से 112 भवनों का निर्माण कार्यपूर्ण कर लिया है। 
    मनरेगा अभिसरण से स्वीकृत 1685 आंगनवाड़ी भवनों में से 212 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। 1 हजार 5 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुरैना जिले में स्वीकृत 149 आंगनवाड़ी भवनों में से 49, भिण्ड जिलें में स्वीकृत 137 आंगनवाड़ी भवनों में से 13 और श्योपुर जिले में स्वीकृत 360 आंगनवाड़ी भवनों में से 22 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। एम.पी.एच.एस.आर.पी. मद से स्वीकृत 40 आंगनवाड़ी भवनों में से 39 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। इसमें भिण्ड जिले में स्वीकृत 40 आंगनवाड़ी भवनों में से 39 भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। एक भवन का कार्य प्रगति पर है।
    राज्य योजना मद से स्वीकृत 453 आंगनवाड़ी भवनों में से 336 आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। 83 भवनों का निर्माण प्रगति पर है। मुरैना जिले में स्वीकृत 232 आंगनवाड़ी भवनों में से 204, भिण्ड जिले में स्वीकृत 185 आंगनवाड़ी भवनों में से 102 और श्योपुर जिले में 36 आंगनवाड़ी भवनों में 30 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। मनरेगा में मद से 493 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये है, इनमें श्योपुर जिले में स्वीकृत 102 भवनों में से 14 भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। भिण्ड जिले में 181 और मुरैना में 210 आंगनवाड़ी भवन स्वीकृत किये गये है।

नवोदय विद्यालय की कक्षा 6वी में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू आवेदन ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर

 कलेक्टर एवं जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर के चेयरमैन श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर की कक्षा 6वी में प्रवेश लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसके अंतर्गत दस्तावेजो की आवश्यक के अनुरूप आवेदन करते समय वेबसाइट पर अपलोड किए जाएँगे। ऑनलाइन आवेदन प्रमाण पत्र जो कि आवेदक एंव परिजन के हस्ताक्षर सहित अध्ययनरत विद्यालय के संस्था प्रधान से प्रमाणित होना अनिवार्य है।

    प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर श्री केके कटियार ने बताया कि विद्यालय के कक्षा 6वी में प्रवेश लेने के लिए वेबसाइट पर आवेदन अपलोड करते समय आवेदक की फोटो, आवेदक के हस्ताक्षर, परिजन के हस्ताक्षर, आवेदक की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार, आवेदक वर्तमान सत्र 2020 -21 में जिले की किसी भी सरकारी अथवा सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय की कक्षा 5 में अध्ययनरत होना चाहिए। आवेदन करते समय आवेदक की जन्म तिथि 01-05-2008 से 30-04-2012 (दोनों तिथियाँ भी शामिल रहेगी। जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर में आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2020 निर्धारित की गई है।
    जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 6वी में प्रवेश लेने वाले छात्रो के आवेदन पर से परीक्षा 10 अप्रैल 2021 समय 11.30 बजे से ली जावेगी। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए www-navodaya-gov-in पर अपलोड करे। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वी में प्रवेश हेतु आवेदन करने के लिए विद्यालय के श्री योगेन्द्र सिहं जादौन मो.न. 9691724553 पर संपर्क किया जा सकता है।
 

आत्मनिर्भर मप्र बनाने हेतु रोडमैप के बिन्दुओ पर तैयारियां जारी रखें-कलेक्टर

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने की दिशा में वीसी में निर्देशों पर रोडमैप के बिन्दुओ के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा अमल प्रारंभ कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत विभागीय अधिकारी प्रारंभ की गई तैयारियों के अनुसार तैयारी जारी रखे। इस दिशा मे कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रशासन, पुलिस और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये गये है कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाये जाने के लिए रोडमैप के प्रत्येक बिन्दु पर गहन अध्यन किया जावे।  

    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने जारी निर्देशो में कहा है कि मध्यप्रदेश शासन के द्वारा मॉनीटरिंग के लिये जो डेशबोर्ड बनाया गया है। इस पर जिले की परफॉरमेन्स सही प्रदर्शित होनी चाहिए। इस पर उचित कदम उठाये जायें। इसी प्रकार धान उपार्जन एवं मिलिंग के संबंध में समन्वय स्थापित कर कार्यवाहियों को आगे बढाया जावे। साथ ही जिले में स्थापित समर्थन मूल्य पर ज्वार, बाजरा आदि की खरीदी समय पर होनी चाहिए। जिसके अंतर्गत शत प्रतिशत किसानों से ज्वार बाजरा की खरीदी की जावे।
    इसी प्रकार पात्रता पर्ची का वितरण 100 प्रतिशत सुनिश्चित किया जाये। साथ ही पर्चीयो का शत प्रतिशत वितरण कराया जावे। कलेक्टर ने कहा है कि सुशासन हर हाल में कायम रखा जाये। साथ ही कानून एवं कोविड के नियमों का पालन किया जाये। अवैध रेत उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन न हो, सख्ती से कार्रवाही होनी चाहिए। चिटफण्ड कंपनी या उनके मालिक तथा डायरेक्टर के विरूद्ध कार्रवाही हो। मिलावटखोरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाही हो।
    कलेक्टर ने निर्देश दिये है कि किसान सम्मान निधि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जावे। इस दिशा में पटवारी गांवों में फोटो खींचे और योजना का क्रियान्वयन तुरंत सुनिश्चित करावे। ग्रामीण एवं शहरी पथ विक्रेताओं को सहायता तत्काल मिले और इस सहायता से अपना व्यवसाय करने में सहायक बने सके। आगे भी उनको तीसरी बार ऋण मिलने में आसानी होगी।  स्व-सहायता समूहों का सशक्तिकरण हो और उनके उत्पाद के लिये उन्हें आउटलेट सुविधा दी जाये।
    कोविड-19 पर लगातार निगाह रखी जाये। फीवर क्लीनिक में जांच का कार्य तेज किया जाये। एक जिला एक उत्पाद के मामले में जिले की ग्रामीण कृषि व्यवसायियों को उचित बाजार मूल्य दिलाया जाये और एक्सपोर्ट में जोड़ा जाये। इसी प्रकार नगरीय निकायों, जनपद एवं जिला पंचायतों में जो अनुपयोगी राशि है, जिसका उपयोग नहीं हो सकता है, शासन को भेजी जाये एवं अन्य प्रकार की राशियों के मामले में शासन निर्देशानुसार तत्काल कार्रवाही की जाये। (इस बावत परियोजना अधिकारी, शहरी विकास अभिकरण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत समन्वय करें)।
    जिले में खाद वितरण की मॉनीटरिंग की जाये। साथ ही आवश्यकतानुसार किसानो की रबी फसलो की बोनी के लिए खाद वितरण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जावे। इसी प्रकार रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाकर अधिक से अधिक युवाओं एवं रोजगार चाहने वाले व्यक्तियों को रोजगार प्रदाय किया जाये। इसके लिये आवश्यक कदम उठाया जाये। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप अनुसार अगले माह में होने वाली समीक्षा बैठक में दिये गये विषयों में प्रभावी क्रियान्वयन किया जावे।

नवीन पात्र परिवारों को माह नवंबर की खाद्यान्न सामग्री का वितरण

 कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्योपुर, कराहल एवं विजयपुर को जारी निर्देशो में कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत नवीन 6901 पात्र परिवारों को माह नवंबर 2020 की खाद्यान्न सामग्री का वितरण कराया जावे। 

    जारी निर्देशो में कहा है कि डिस्ट्रीक्ट टेनिक्ल स्पोर्ट ने अवगत कराया है कि विकासखण्ड श्योपुर में 05, कराहल में 09 एवं विजयपुर में 19 शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर 17 नवंबर 2020 की स्थिति में वितरण शून्य प्रदर्शित हो रहा है। इसलिए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकानो पर कोई नियंत्रण नही है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों की तहसीलदारो के माध्यम से जाचं कराई जाकर यह सुनिश्चित किया जावे कि शासकीय उचित मूल्य दुकानो के विक्रेताओं द्वारा नवीन पात्र परिवारों को खाद्यान्न सामग्री का वितरण क्यो नही किया गया है।
    जिले के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अपने क्षेत्र की शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से नवीन पात्र परिवारों को खाद्यान्न सामग्री का वितरण शत प्रतिशत कराया जावे। साथ ही वस्तु स्थिति का जांच प्रतिवेदन कलेक्टर जिला श्योपुर को तीन दिवस में प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। 

राज्य ओपन अंतर्गत कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 14 दिसंबर से

 म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड, भोपाल के अंतर्गत राज्य ओपन की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का टाईम टेबल जारी कर दिया है। जारी टाईम टेबल के अनुसार परीक्षाएं 14 दिसंबर से प्रारंभ होगी, जो 29 दिसंबर तक चलेगी। कक्षा 10वीं की परीक्षा का समय प्रातः 8 बजे से 11 बजे तथा कक्षा 12वीं की परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा।

     बोर्ड के संचालक ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि इस परीक्षा में 1 सितंबर से 28 फरवरी 2020 तक सामान्य योजना के तहत संपूर्ण परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले नए विद्यार्थी एवं 20 अक्टूबर 2020 तक आवेदन करने वाले क्रेडिट एवं शेष अन्य योजना के विद्यार्थी ही सम्मिलित हो सकेंगे। ऐसे विद्यार्थी, जो प्रथमवार परीक्षा में सम्मिलित हो रहे है अथवा पूर्व परीक्षा में अनुपस्थित, अनुत्तीर्ण रहे है उनकी प्रयोगिक परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केंद्र पर ही आयोजित होगी।
    आवश्यक होने पर परीक्षा तिथि एवं समय में परिवर्तन किया जा सकेगा, जिसकी सूचना मप्र राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाईट www.mpsos.nic.in एवं मोबाईल एप्प पर परीक्षा केंद्र पर उपलब्ध रहेगी। विद्यार्थी प्रवेश पत्र में अंकित निर्धारित परीक्षा केंद्र एवं विषय में ही परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे। द्वितीय से नवम अवसर के परीक्षार्थियों के अनुक्रमांक पूर्ववत ही रहेंगे।

सहरिया महिला मुखियों को पोषण आहार हेतु अनुदान राशि प्रदत्त करने के निर्देश

 कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने सहरिया महिला मुखियों को पोषण आहार हेतु रूपयें 01 हजार की राशि प्रतिमाह दिये जाने में वंचित रही महिलाओं को अनुदान राशि प्रदत्त करने के निर्देश सीईओ जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्योपुर, विजयपुर, कराहल, सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण श्योपुर एवं सीईओ जनपद श्योपुर, विजयपुर, कराहल को जारी किये है।

    जारी निर्देशो में कहा है कि सहरिया मुहिला मुखियों को पोषण आहार हेतु अनुदान राशि ऐसी महिलाएं जो वंचित रह गई है। उनके लिए ग्राम पंचायत मुख्यालय अथवा पॉकेट्स में कैम्प लगाकर सुनिश्चित किया जावे कि अब कोई भी सहरिया महिला मुखिया एक हजार रूपये की राशि प्रतिमाह पाने से वंचित तो नही है। इसी प्रकार यह भी सुनिश्चित कर ले कि यदि किसी सहरिया महिला मुखिया का बैंक एकाउंट्स परिवर्तित होता है तो उसे सुधार लिया जावे। क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह भी अवलोकन किया जावे कि परिवार पृथक होने पर एक ही सहरिया मुखिया महिला को अनुदान राशि प्रदत्त की जा रही है, जबकि पृथक परिवार होने से अन्य को भी इसकी पात्रता आती है।
     इसके लिए नवीन परिवार की समग्र आईडी, बैंक का संक्रिय खाता एवं जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता पडेगी। जो कि ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक तैयार करवायेगे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत संयुक्त रूप से अपने निर्देशन में संबंधित क्षेत्र के पटवारी/ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक/आदिम जाति कल्याण विभाग के कर्मचारी की टीम बनाकर 19 नवंबर 2020 से अभियान के रूप में 28 नवंबर 2020 तक कार्यवाही पूर्ण कर प्रत्येक तीसरे दिवस को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर को प्रगति से अवगत करायेगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर, जिला कलेक्टर श्योपुर को किये हुए कार्य से अवगत करायेगे।

खाद्यान्न पात्रता पर्ची में नवीन नाम जोडने हेतु CEO Zila Panchayat प्रभारी अधिकारी नियुक्त

 कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने खाद्यान्न पात्रता पर्ची में नवीन नाम जोडे जाने तथा नियमित खाद्यान्न वितरण के पर्येवेक्षण एवं नियंत्रण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश जारी किये है।

    सीईओ जिला पंचायत जिला आपूर्ति अधिकारी, सीईओ जनपद एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्योपुर, विजयपुर, कराहल को जारी निर्देशो में कहा है कि खाद्य विभाग के अधिकारी (कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी) एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत समय-समय पर प्रत्येक तीसरे दिवस सीईओ जिला पंचायत श्योपुर को प्रगति से अवगत करायेगे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्योपुर सभी प्रगति से कलेक्टर श्योपुर को अवगत करायेगे।

मृतक रामगणेश रावत की घटित घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, मजिस्ट्रियल जांच हेतु अनुविभागीय दण्डाधिकारी विजयपुर नियुक्त

 कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश कुमार श्रीवासतव ने पुलिस अधीक्षक श्योपुर श्री सम्पत उपाध्याय के प्रतिवेदन पर से दण्डप्रक्रिया संहिता की धारा 176 के द्वारा प्रदत्त शक्तियो का प्रयोग करते हुए मृतक श्री रामगणेश रावत पुत्र श्री बाबूलाल रावत उम्र 30 साल निवासी खेरियापुरा थाना वीरपुर की घटित घटना की मजिस्ट्रियल जाचं के आदेश जारी किये है।

    जारी आदेश में कहा है कि जिले की तहसील एवं पुलिस थाना वीरपुर के ग्राम खेरियापुरा के मृतक श्री रामगणेश रावत पुत्र श्री बाबूलाल रावत की घटना के कारणो एवं परिस्थितियों की जांच के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी विजयपुर को नियुक्त किया है। इस जाचं के अंतर्गत क्या रामगणेश पुत्र श्री बाबूलाल रावत द्वारा पुलिस हिरासत में आने के पर्वू कोई गंभीर अपराध घटित किया गया है। क्या घटना का कृत्य पदीय कर्तव्य के निर्वहन के तहत किया गया था। क्या ऐसा करना तात्पर्यत था, क्या घटना क्षेत्रान्तर्गत थी।
    घटना दिनांक को कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की पृष्ट भूमि क्या रही। घटना होने के कारण क्या रहे। क्या श्री रामगणेश पुत्र श्री बाबूलाल रावत निवासी खेरियापुरा वीरपुर की मृत्यु किन परिस्थितियों में कब और कहॉ हुई। सबका पोस्टमार्टम कब हुआ। मृत्यु किस कारण से हुई। अन्य बिन्दु घटना/परिस्थितियों/अभिलेखो के आधार पर जांच में शामिल हो। प्रकरण में प्रस्तुतकर्ता अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, अनुभाग विजयपुर रहेगे एवं जांच रिपोर्ट एक माह में प्रस्तुत करेगे। 

शासकीय - राज्य शासन की वित्त पोषित कृषक भ्रमण दल को भाजपा नेताओं ने हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना

 उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की राज्य पोषित योजना के अंतर्गत पॉच दिवसीय अन्तर्राज्यीय कृषक प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत 11 सदस्यीय कृषक दल को  भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य श्री महावीर सिहं सिसौदिया, भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र सिहं जाट एवं सहायक संचालक उद्यान श्री पंकज कुमार शर्मा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर उद्यानिकी कार्यालय श्योपुर से कृषक दल को रवाना किया।

     यह भ्रमण झॉसी, बरूआसागर, बॉदा एवं चित्रकूट में श्रीनानाजी देशमुख कृषि विश्व विद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त करेगें। तथा कृषि विज्ञान केन्द्रों, उद्यानिकी संस्थाओं एवं प्रगतिशील उद्यानिकी किसानों के प्रक्षेत्रों का भ्रमण करेगें। इसी के साथ उद्यानिकी की फसलों की खेती के आधुनिक तकनीकी की जानकारी गृहण करेगें। उद्यान विकास अधिकारी श्री शैलेन्द्र सिहं तोमर द्वारा भ्रमण कार्य सम्पन्न कराया जावेगा। यह भ्रमण दल 21 नवंबर 2020 तक भ्रमण पर रहेगा।

श्योपुर शहर में दशा और दिशा देने की कार्यवाही प्रारंभ होगी-कलेक्टर- जनप्रतिनिधियों से भी शहर के विकास के लिए चर्चा की जावेगी

 


कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा शहरो के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे है। जिसके अंतर्गत श्योपुर शहर के विकास को गति देने के लिए प्रयास किये जा रहे है। जिसके अंतर्गत श्योपुर नगर में दशा और दिशा देने की कार्यवाही प्रारंभ की जा रही है। शहर विकास के लिए जनप्रतिनिधियो से भी चर्चा की जावेगी। वे आज कृष्णा मैरिज गार्डन श्योपुर के सभागार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकारो से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय, सहायक संचालक जनसंपर्क श्री जेपी राठौर, नगर पालिका के हेल्थ आफीसर श्री सत्यभानू जाटव, कलेक्टर कार्यालय के नाजीर श्री हरग्यान सोलंकी के अलावा जिला स्तरीय प्रिटं एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के पत्रकार उपस्थित थे।

    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया से चर्चा के दौरान अवगत कराया कि नगर का ट्रकों, भारी वाहनों आदि से निजात दिलाने के लिये बंजारा डेम पर 4 हैक्टेयर भूमि में नया ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जायेगा। इस हेतु भूमि आरक्षित हो गई है। ड्राईंग डिजायनिंग का कार्य प्रगति पर है। ट्रांसपोर्ट नगर, ट्रांसपोर्ट एजेंसी, ऑटोमोबाईल एजेंसी, ऑटोमोबाईल, टायर, स्पेयर पार्टस की दुकाने, मैकेनिक शॉप, टिम्बर शॉप, आरा मशीन, 200 गोडाउन हेतु प्लॉट उपलब्ध हो सकेंगे। तीन से चार बड़ी पार्किंग होंगी। ट्रांसपोर्ट नगर बन जाने के बाद नगर में ट्रेफिक दबाव तथा जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी।
नगर के प्रस्तावित कार्य सड़कों का चिन्हांकन, सर्वे एवं निर्माण
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारो से चर्चा के दौरान कहा कि सड़कें किसी भी शहर की जीवन रेखा की तरह होती हैं। नगर के पुराने बाजार सदर बाजार, बोहरा बाजार तथा गणेश बाजार में सड़कों को अधिक चौड़ा करना संभव नहीं है। अतः नगर का आउट स्कर्ट में फैलाने तथा नई सड़कों को चिन्हांकन, सर्वे और फिर निर्माण कराया जावेगा। शहर में निम्न सड़कों के लिये कार्यवाही की जावेगीः-
    इसी प्रकार मास्टर प्लान में सड़कों के लिये आरक्षित स्थल की प्रविष्टि खसरे में की जावेगी तथा नक्शे में भी रोड़ डाल दी जावेगी जिससे मास्टर प्लान में सड़कों के लिये चिन्हित स्थान पर निर्माण नहीं हो सके। साथ ही किला रोड़ से मोती कुई नगर के पिछड़े क्षेत्र को जोड़ते हुये बंजारा डेम होते हुए सलापुरा केनाल तक बनाये जाने वाले रोड़ को चरणवार विभाजित किया गया है। जिसमें प्रथम चरण के दौरान मोतीकुई बगवाज रोड़ से किले के परी गेट तक। इसी प्रकार दूसरा चरण में परी गेट किले से भेंसपाड़ा मोड़ तक चौड़ीकरण एवं सलापुरा केनाल से बंजारा डेम तक चिन्हांकन किया जावेगा। इसके अलावा तीसरा चरण के दौरान भैंसपाड़ा रोड़ के मोड़ से पण्डित घाट तक बंजारा डेम से गिर्राज घाट, रेगर घाट, कर्बला घाट तक शामिल किया जावेगा।
    चौथा चरण-पंडित घाट से कर्बला घाट तक। शिवपुरी रोड़ से स्टेडियम के पीछे होकर मॉडल स्कूल, हजारेश्वर स्कूल होते हुये बायपास रोड़ तक नये रोड़ का निर्माण।  सलापुरा नहर से कॉलेज के पीछे होते हुये मधुवन कॉलोनी होते हये, बायपास रोड़ को क्रॉस कर चम्बल कालोने पाली रोड़ पर गौशाला तक रोड़ का निर्माण एवं चौड़ीकरण। किला रोड़ से कब्रिस्तान से वार्ड नंबर 2 को जोड़ते हुये वाल्मीक बस्ती की पुलिया से नगरपालिका के पीछे से होते हुये जय स्तम्भ तक  सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण। शिवपुरी रोड़ पर जेल के सामने से मोहर डूंगरी पुल से ढेंगदा होते हुये कलारना रोड़ तक रोड़ का निर्माण एवं चौड़ीकरण शामिल है।  
    इसी प्रकार नये एस.पी. ऑफिस से नगर पालिका मैरिज गार्डन से गैस गोदाम रोड़ को जोड़ने वाले नये रोड़ का निर्माण एवं चौड़ीकरण। बायपास रोड़ से आर.टी.ओ. ऑफिस होते हुये शिवपुरी रोड़ को जोड़ने वाला नया रोड़ निर्माण।
तीन नये बस स्टेण्ड
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिये शहर में ट्रेफिक का दबाव कम करने के लिये शहर में तीन बस स्टेण्ड बनाया जाना प्रस्तावित हैं। कोटा बांरा, बड़ोदा की ओर से आने वाली बसों के लिये बंजारा डेम के बाहर, सवाई माधौपुरा, जयपुर, ढोढ़र, मानपुर, सोठवा आदि की ओर आने-जाने वाली बसों के लिये सलापुरा केनाल के पास तथा शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, इन्दौर, भोपाल आदि की ओर बसों के लिये शिवपुरी रोड़ पर नये बस स्टेण्ड बनाये जायेंगे।
भीड़भाड़ वाले कार्यालय एवं मेला
    कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने प्रिटं एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि भीड़भाड़ वाले कार्यालय जैसे नगरपालिका, बॉयज एक्सीलेंस स्कूल, गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल तथा मेला ग्राउण्ड चर्चा पश्चात अन्यत्र स्थानांतरित किये जायेंगे। बॉयज स्कूल को पॉलिटेक्निक के पास एवं गर्ल्स स्कूल को शिवपुरी रोड़ पर ले जाया जायेगा। सिटी म्यूजियम, कलॉ वीथिका, पुस्तकालय, नोलेज सेन्टर शामिल है। इसी प्रकार नगरपालिका भवन को सिटी म्यूजियम, कलॉ वीथिका, पुस्तकालय एवं नोलेज सेन्टर के रूप में विकसित किया जावेगा।
शॉपिंग सेन्टर, मीट मार्केट एवं प्रेस क्लब
    प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने इस अवसर पर बताया कि  नगरपालिका के मैरिज गार्डन के सामने 30 से 50 दुकानों का नया शॉपिंग सेन्टर बनाया जावेगा। मैरिज गार्डन के शॉपिंग सेंटर के ऊपर के तल पर प्रेस क्लब बनाया जावेगा। साथ ही बगवाज रोड़ पर नया मीट मार्केट बनाने के प्रयास किये जावेगे।  
किले एवं गढ़ियों, बावड़ियों का संधारण
    प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने कहा कि श्योपुर किले में नया म्यूजियम बनाया जावेगा। इसकी स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है। किले में प्रवेश अब टिकिट के आधार पर ही होगा। किले के प्रवेश द्वार का धारण किया जाकर इनका सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है। दोनों प्रवेश द्वारों पर इनका इतिहास भी लिखा जावेगा।
    इसी प्रकार ढोढ़र, गढ़ी, मानपुर गढ़ी, काशीपुर की गढ़ी तथा भूतेश्वर मंदिर नागदा का राज्य स्तरीय संरक्षित स्मारक घोषित कराने हेतु प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। इनकी प्रगति की मॉनिटरिंग की जा रही है। बड़ोदा किले को हैरीटेज होमस्टे बनाने का भी प्रस्ताव है।
    जिले की बावड़ियों का नरेगा के माध्यम से संधारण कराया जा रहा है। सवाई माधौपुर के रास्ते टूस्स्टि को मध्यप्रदेश में लाने के लिये श्योपुर को प्रदेश का गेटवे बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही इस हेतु प्रदेश स्तरीय सेमीनार श्योपुर में आयोजित किया जावेगा। सभी किले गढ़ियों की साफ-सफाई एवं सौन्दर्यीकरण हेतु अभियान चलाया जावेगा।
सीनियर सिटीजन एवं लेडीज के लिये पृथक-पृथक पार्क
    प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने बताया कि लेडीज एवं सीनियर सिटीजन्स के लिये शीघ्र ही नये पार्कों का विकास किया जावेगा।
अस्पताल में जनसेवा एवं जनसुविधाओं का विस्तार
    प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने बताया कि अस्पताल में 10 प्रायवेट वार्ड बनाये जायेंगे। अटेण्डर्स के लिये धर्मशाला एवं टीन शैड भी बनाया जायेगा। बच्चों का वार्ड एवं बच्चों के लिये 10 बेड आई.सी.यू. जन भागीदारी से बनाये जायेंगे। नई केन्टीन बनाई जायेगी तथा मरीजों के अटेण्डर्स के लिये व्यवस्था की जावेगी। पोर्टेबल एक्स-रे मशीन एवं सी.टी. स्केन की व्यवस्था की जावेगी।
पार्किंग स्थलों निर्माण
    प्रभारी अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री रूपेश उपाध्याय ने बताया कि नगरपालिका, कोतवाली एवं पुराने अस्पताल के नीचे बेसमेंट में पार्किंग बनाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जावेगा।
मीडिया को बताई नगर की मुख्य समस्यायें
कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने मीडिया की बैठक में श्योपुर नगर की मुख्य समस्याओ से अवगत कराते हुए बताया कि सड़कें संकरी हैं। हैवी ट्रेफिक शहर के बीच से गुजरता है इसलिये ट्रेफिक दबाव अधिक है। वैकल्पिक सड़कें नहीं हैं। शहर में फोर व्हीलर्स बढ़ रहे हैं पर सड़कें इसके लिये तैयार नहीं हैं। शहर के अंदर गोदाम, ऑटो मोबाईल, एजेन्सीज अधिक होने से माल वाहन नगर में ट्रेफिक के लिये समस्या पैदा करते रहते हैं। ट्रांसपोर्ट नगर व्यवस्थित न होने से ट्रक नगर की सड़कों पर खड़े रहते हैं। लोड अनलोड होते हैं। बस स्टेण्ड शहर के मध्य में होने से सभी बसें शहर के अंदर प्रवेश करती हैं तथा सड़कों पर ट्रेफिक दबाव बढ़ाती हैं। भीड़भाड़ वाले सरकारी कार्यालय जैसे नगरपालिका, एक्सीलेंस स्कूल शहर के अंदर हैं। यह भी ट्रेफिक दबाव बढ़ाते हैं तथा शहर में जाम की स्थिति के लिये उत्तरदायी हैं।     
     इसी प्रकार मेला ग्राउण्ड, थोक सब्जी मण्डी, बस स्टेण्ड शहर के मध्य होने से शहर में भीड़ बढ़ाते हैं। किले पर जाने के लिये खुली साफ सुथरी सड़क नहीं है। किले में म्यूजियम नहीं हैं। बावड़ियां लावारिस होने से क्षतिग्रस्त होती जा रही हैं।विभिन्न किले, गढ़ियों का संधारण नहीं हो पा रहा है। इनमें झाड़ झंकाल उग आये हैं। इन पर विवरण तक नहीं लिखा गया है। जिले में प्रवेश के गांव साफ सुथरे नहीं हैं। सवाई माधौपुर के रास्ते टूरिस्ट के आने का मार्ग प्रचलित नहीं है। अस्पताल में और अधिक जनसेवाओं, जन सुविधाओं की आवश्यकता है। पार्किग स्थलों की कमी है।
    बैठक में प्रिटं एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया के ब्यूरो प्रमुख, जिला प्रतिनिधियो ने श्योपुर शहर में विभिन्न विकास की गतिविधियों को जनप्रतिनिधियो से चर्चा के उपरांत जिला प्रशासन एवं नगरीय निकाय के माध्यम से आगे बढाने के प्रयास होना चाहिए। उन्होने श्योपुर शहर के विकास के संबंध में कई प्रकार के उपयोगी सुझाव दिये।

नवोदय विद्यालय की कक्षा 6वी में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन शुरू आवेदन ऑनलाइन करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर

 कलेक्टर एवं जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर के चेयरमैन श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर की कक्षा 6वी में प्रवेश लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसके अंतर्गत दस्तावेजो की आवश्यक के अनुरूप आवेदन करते समय वेबसाइट पर अपलोड किए जाएँगे। ऑनलाइन आवेदन प्रमाण पत्र जो कि आवेदक एंव परिजन के हस्ताक्षर सहित अध्ययनरत विद्यालय के संस्था प्रधान से प्रमाणित होना अनिवार्य है।

    प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर श्री केके कटियार ने बताया कि विद्यालय के कक्षा 6वी में प्रवेश लेने के लिए वेबसाइट पर आवेदन अपलोड करते समय आवेदक की फोटो, आवेदक के हस्ताक्षर, परिजन के हस्ताक्षर, आवेदक की शैक्षणिक योग्यता के अनुसार, आवेदक वर्तमान सत्र 2020 -21 में जिले की किसी भी सरकारी अथवा सरकारी मान्यता प्राप्त विद्यालय की कक्षा 5 में अध्ययनरत होना चाहिए। आवेदन करते समय आवेदक की जन्म तिथि 01-05-2008 से 30-04-2012 (दोनों तिथियाँ भी शामिल रहेगी। जवाहर नवोदय विद्यालय श्योपुर में आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2020 निर्धारित की गई है।
    जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 6वी में प्रवेश लेने वाले छात्रो के आवेदन पर से परीक्षा 10 अपै्रल 2021 समय 11.30 बजे से ली जावेगी। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए www.navodaya.gov.in पर अपलोड करे। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6वी में प्रवेश हेतु आवेदन करने के लिए विद्यालय के श्री योगेन्द्र सिहं जादौन मो.न. 9691724553 पर संपर्क किया जा सकता है।

हितग्राहियों को शत-प्रतिशत राशन वितरण कराया जावे, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश

 जिला आपूर्ति अधिकारी श्योपुर ने जिले के श्योपुर, विजयपुर, कराहल में पदस्थ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों से जारी पत्र में कहा है कि नवीन पात्रता पर्त्रीधारी हितग्राहियों को शत-प्रतिशत राशन वितरण कराया जावे। साथ ही ऐसे सेल्समैन जो नवीन पात्रता पर्चीधारियों को शत-प्रतिशत राशन वितरण नही कर रहे है। उनको पद से पृथक करने हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी से पत्राचार करने के निर्देश दिये है।

भ्रष्ट बिजली कंपनी का स्तरहीन घटिया इन्फ्रारस्ट्रक्चर और निकम्मे तथा भ्रष्ट बिजली अफसरों की अयोग्य और नाकारा टीम की बदौलत चंबल अंधेरे में डूबी , शाम 6 बजे से मुरैना में बिजली गोल

शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर करा दिया जाता है फोर्सली फर्जी तरीके से सी एम हेल्पलाइन में क्लोज

मुरैना, 15 नवम्बर ( ग्वालियर टाइम्स ) मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चंबल संभाग के वितरण में जो भी क्रम जारी है , उसमें कांग्रेस की कमलनाथ सरकार में हुई अयोग्य व भ्रष्ट अफसरों और फील्ड में बिजली कर्मियों की पदस्थी तो खैर अपने आप में भ्रष्टाचार का एक नायाब नमूना रही है , सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों को महज 500 से 800 रूपये लेकर ( हमारी आंखों देखी ) मुरैना कलेक्ट्रेट के गेट स्थित एन आई सी के सेवा केन्द्र से हर शिकायत को फर्जी तरीके से फोर्सली क्लोज कर यह कहा जाता रहा कि (  कोई भी ) शिकायतकर्ता (साले ) को घुमाते रहेंगें एक नंबर से चार नंबर तक ऐसे ही , तुम पैसे दिये जाओ , हम यूं ही क्लोज करते रहेंगें ।

यह वाकया उस वक्त का है जब एक पुलिस शिकायत के संबंध में हम सी एस पी मुरैना को अपना बयान दर्ज कराने गये थे , तब संयोग से सी एस पी मुरैना ने हमें वहां उस कक्ष में भेज दिया था और दो चार घंटे हमने उस कक्ष की कार्यवाही और प्रणाली को खुद अपनी आंखों से देखा , संयोग से कक्ष प्रभारी हमें पहचानता नहीं था सो धड़ल्ले से हमारे सामने ही खेल करता और बताता रहा ।

बिजली कंपनी का भ्रष्टाचार और घटिया इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा अवैध व फोर्सली फर्जी बिल देना तो खैर किसी से छिपा नहीं है , न आम जनता से और न किसी राजनेता से , न न्यायालय से और न किसी भी जांच एजेंसी से । न थ्री फेज सप्लाई है कहीं और न किसी उपभोक्ता के थ्री फेज बिल लगातार भुगतान के बावजूद ही थ्री फेज सप्लाई ही मिल रही है , मटरूआ , करूआ हों या कोई और शराब में 24 घंटे मस्त पड़े बिजली अफसर और बिजली कर्मीयों के शौक और मौज केवल दारू तक ही हो ऐसा नहीं है , औरतखोरी और रिश्वत , भ्रष्टाचार के अलावा मांस , मुर्गा और बकरे के शौकीन , जहां फैक्ट्रियों और उद्योगों को जमकर बिजली चोरी करा कर रोजाना ही कंपनी को अपने बाप का माल समझ कर बेच रहे हैं तो उनके बिजली बिलों को घरेलू आम उपभोक्ताओं पर एडजस्टमेण्ट के नाम और आकलित खपत के नाम पर फर्जी तरीके से लाद देता है और चोरों को साहूकार तथा साहूकारों को चोर बनाता रहता है ।

भ्रष्टाचार और अंधेरगर्दी का आलम ये है कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली तो कभी मिलती ही नहीं है और केवल बिल मिलते हैं , जबकि उद्योगों और फैक्ट्रियों के हर महीने के लाखों करोड़ों के बिलों की चोरी करवा कर , एडजस्टमेण्ट के लिये आकलित खपत का फर्जी आंकड़ा बना कर धर दिये जाते हैं ।

बिजली आम आदमी को न तो कमलनाथ की कांग्रेस सरकार दे पाई और वही नतीजा भी हालिया उपचुनाव परिणामों में कमनाथ सरकार ने भोगा भी, और उन्हीं अंधेरगर्द और भ्रष्ट अफसरों तथा बिजली कर्मियों की तैनाती और उनकी अयोग्यता, नाकारा और निकम्मापन और भ्रष्टाचार  अब उपचुनाव होते ही फिर से सिरदर्द बन कर उठा है ।

उपचुनावों से पहले रोजाना की जा रही आठ दस घंटों की अघोषित अंधाधुंध  बिजली कटौती , उपचुनाव और दीवाली गुजरते ही फिर से आज 15 नवम्बर सेफिर से चालू हो गयी है , मुरैना में ( गांधी कालोनी . ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय के आसपास क्षेत्र की ) आज सुबह 9:30 बजे  बिजली काटने के बाद , शाम 6:15 बजे से बिजली फिर काट दी गयी  जो कि इस समय इस खबर के लिखे और प्रकाशित किये जाने के वक्त तक पूरी तरह बंद है , ग्वालियर टाइम्स के प्रधान कार्यालय पर हालांकि 3 फेज का कनेक्शन सन 1995 से है , और 3 फेज का ही बिजली भुगतान किया जाता रहा है मगर बिजली केवल सिंगल फेज के ही 3 फेज बनाकर दी जाती है अर्थात 3 फेज की केबल को पोल पर तीनों फेजों को एक ही सिंगल फेज से जोड़कर दी जाती है । जिसकी तमाम शिकायतें सी एम हेल्पलाइन में की गईं और पी जी पोर्टल भारत सरकार में की गईं , भ्रष्ट अफसरों ने सी एम हेल्पलाइन की सभी शिकायतें बिना किसी निराकरण के ही फोर्सली उटे सीधे जवाब देकर बंद करवा दीं और पी जी पोर्टल भारत सरकार की किसी भी शिकायत का आज तक जवाब ही नहीं दिया , वहां सभी शिकायतें आज दिनांक तक अनिराकृत और पेंडिंग तथा जवाबहीन हैं । जबकि भारत सरकार द्वारा म. प्र. शासन के प्रमुख सचिव ऊर्जा से तत्समय ही जवाब तलब किया जा चुका है लेकिन आज दिनांक तक किसी शिकायत का जवाब देने की जहमत म.प्र. शासन ने नहीं उठाई जिससे आगे हाई कोर्ट जाने का रास्ता खुले ।

इस भ्रष्टाचार की और निकम्मेपन तथा अयोग्यता की ही देन है कि आज चम्बल अंधेरे में डूबी हुई है ।  

अगले पूूरे एक महीने सघन अभियान चलाकर बड़े मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये

 मिलावट के संबंध में प्रमाणिक जानकारी देने वाले व्यक्तियों के नाम प्रकट नहीं किए जाएंगे और इस दंश को समाप्त करने के पूरे प्रयास होंगे।

मिलावट से कैंसर जैसे रोग की आशंका भी होती है। आम लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा। 

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे दोषियों की जड़ों पर प्रहार करें 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आम नागरिकों द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं में मिलावट न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए घातक है बल्कि मानव समाज के विरूद्ध बड़ा अपराध भी है। ऐसे मिलावटखोरों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए। प्रदेश में आम नागरिकों के सहयोग से मिलावट से मुक्ति अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। मिलावट के संबंध में प्रमाणिक जानकारी देने वाले व्यक्तियों के नाम प्रकट नहीं किए जाएंगे और इस दंश को समाप्त करने के पूरे प्रयास होंगे।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान गत दिवस मंत्रालय परिसर से प्रदेश के संभागों के लिए स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में 9 चलित प्रयोगशाला वाहन रवाना कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरी झण्डी दिखाकर चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला वाहन रवाना किए। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस इन वातानुकूलित वाहनों में मिल्क स्केनर, पी.एच. मीटर, रेफ्रेक्टोमीटर, टी.पी.आर. मीटर, पैथौजिन किट के साथ-साथ बैलेंस, मिक्सर ग्राइंडर, हॉट एयर ओवन, गैस सिलेण्डर और कम्प्यूटर प्रिंटर उपलब्ध हैं। इन उपकरणों की मदद से यूरिया, डिटर्जेंट, पीने के पानी, शक्कर, खाद्य तेल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे मावा, पनीर, दूध, मिर्च-मसाले आदि का प्रारंभिक परीक्षण कर मौके पर रिपोर्ट दी जा सकेगी। इन वाहनों में टेलीविजन और लाउडस्पीकर भी स्थापित किए गए हैं, जो भ्रमण कर खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट और उसके त्वरित परीक्षण की व्यवस्था के बारे में आमजन को जागरूक करने का माध्यम बनेंगे। यह आधुनिक प्रयोगशालाएं कुल 102 प्रकार के प्रारंभिक परीक्षण में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उम्मीद व्यक्त की कि प्रदेश के नागरिकों को  शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण आहार मुहैया कराने में यह प्रयोगशालाएं उपयोगी सिद्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस अवसर पर नकली हल्दी के परीक्षण का डिमांस्ट्रेशन भी देखा।
    मुख्ममंत्री श्री चौहान ने कहा कि मिलावट से कैंसर जैसे रोग की आशंका भी होती है। आम लोगों की जिन्दगी से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे दोषियों की जड़ों पर प्रहार करें। उन्होंने ऐसे छोटे व्यापारियों और ठेले वालों को मिलावटी सामग्री के लिये परेशान न करते हुए मिलावट के स्रोत तक पहुँचकर दोषी लोगों के विरूद्ध कदम उठाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ ही खाद्य विभाग, पुलिस-प्रशासन, नगरीय निकाय, नापतौल कार्यालय का संयुक्त जाँच दल प्रत्येक जिले में प्रशासन के सहयोग से मिलावट से मुक्ति अभियान का संचालन करेगा। विशेष रूप से त्यौहारों के समय उपभोक्ताओं वस्तुओं में मिलावट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। आगामी एक माह सघन अभियान चलाकर बड़े मिलावटखोरों के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश समस्त कलेक्टर्स को दिए गए हैं।
   स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डॉ. संजय गोयल, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े इस अवसर पर उपस्थित थे।

10 रूपए शुल्क देकर करवाई जा सकेगी जाँच

    प्रदेश में मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत पहली बार बहुत मामूली शुल्क पर खाद्य पदार्थ की जाँच की सुविधा प्रारंभ हुई है। आम नागरिक चलित खाद्य प्रयोगशाला से अपनी किसी भी खाद्य पदार्थ की जाँच 10 रूपए के शुल्क से करा सकेंगे। सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग ने मैजिक बॉक्स (रेपिड टेस्टिंग किट) उपलब्ध करवाए हैं, जिनसे खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जाँच की जा सकती है। चलित प्रयोगशाला और मैजिक बॉक्स की व्यवस्था से लोगों को जाँच विधियों से भी अवगत करवाया जाएगा। इससे खाद्य पदार्थों की जाँच पर घर पर ही की जा सकेगी। 

मुख्यमंत्री चौहान की वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन आज

 मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित उनके प्रतिकक्ष में 13 नवंबर 2020 को प्रातः 11 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेस का आयोजन किया गया है।

    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस वीसी में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा खरीदी, धान मिलिंग की समीक्षा, कानून व्यवस्था, मिलावटी से मुक्ति अभियान, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि), नवीन पात्रता पर्चीधारी हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संबंध में चर्चा की जावेगी।
    इसी प्रकार पथ विक्रेता उत्थान योजना (शहरी एवं ग्राीमण), स्वसहायता समूहो का सशक्तिकरण, त्यौहार एवं कोविड-19 के संबंध में निर्देश, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण, एक जिला-एक उत्पाद योजना के क्रियान्वयन के संबंध में चर्चा की जावेगी। साथ ही लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन पोर्टल पर परिसम्पत्ति की जानकारी अध्ययतन दर्ज करना, समस्त नगरीय निकायो में एकल खाता प्रणाली लागू करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिये जावेगे।
    इसी वीसी में जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत में रखी हुई अनुपयोगी राशि के संबंध में, खाद्य आपूर्ति, बिजली आपूर्ति की समीक्षा की जावेगी। वीडियो कॉन्फ्रेस में संभागायुक्त, कलेक्टर्स, पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल होगे। साथ ही सोशल डिस्टेसिंग नर्मस का पालन भी सुनिश्चित किया जावेगा। वीसी में उपस्थित रहने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप - 2023 जारी जनसहभागिता और मॉनिटरिंग का नया ढाँचा बनाया जायेगा- मुख्यमंत्री

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मिंटो हॉल में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विकास का रोडमैप-2023 जारी किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस ऐतिहासिक अवसर पर कहा कि विकास में जनसहभागिता और मॉनिटरिंग की व्यवस्था का नया ढाँचा खड़ा किया जायेगा। ग्राम, जनपद और जिला स्तर पर दीनदयाल समितियाँ गठित कर जनसहभागिता और मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जायेगी। आधुनिक टेक्नालॉजी का हर क्षेत्र में व्यापक उपयोग कर विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ायी जायेगी। खेती में आधुनिक ढंग से उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाकर खेती को लाभ का धंधा बनाया जायेगा। किसानों को पी.एम. सम्मान निधि और मुख्यमंत्री सम्मान निधि के रूप में हर साल कुल 10 हजार रूपये की सम्मान निधि दी जायेगी।
    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की रणनीति पर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप जारी करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अर्थव्यवस्था एवं रोजगार और सुशासन पर स्पष्ट रणनीति तैयार की गई है। इस रोडमैप के आधार पर मंत्री अपने विभागों की योजना तैयार कर क्रियान्वित करेंगे। मंत्री एवं प्रशासन के हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जायेगी और उसकी प्रत्येक स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग होगी।    
     आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश रोडमैप-2023 के विमोचन अवसर पर विशिष्ट अतिथि सांसद श्री वी.डी. शर्मा, मिंटो हॉल में एवं भारत सरकार के नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमिताभ कांत वी.सी. के माध्यम  से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रोडमैप का विमोचन कर उसके क्रियान्वयन के लिये रोडमैप की प्रति मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस को सौंपी। इस अवसर पर अनेक मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। नीति आयोग के सीईओ श्री अमिताभ कांत ने कहा कि कोरोना कॉल में सिर्फ मध्यप्रदेश ने वेबिनार आयोजन की यह महत्वपूर्ण पहल की। आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को लागू कर मध्यप्रदेश देश के अग्रणी प्रांत की पहचान बनाएगा।   

प्रधानमंत्री श्री मोदी हमारे प्रेरक

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी हमारे प्रेरक हैं। उनसे सदैव उत्साह और ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कोरोना की चुनौती को अवसर में बदलने का आव्हान कर आत्मनिर्भर भारत के लिए सभी राज्यों से सहयोग की अपील की थी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश आवश्यक है। इसके लिए किए गए प्रयास आज प्रदेश की जनता के सामने इस रोडमैप के रूप में रखे जा रहे हैं, क्योंकि मध्यप्रदेश की जनता मेरी आराध्य है। मध्यप्रदेश मेरा मंदिर है। यह जनता मेरे लिए भगवान है। इस मंदिर का पुजारी शिवराज सिंह चौहान है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना काल में आर्थिक संकट से लोगों को उबारना एक चुनौती थी। हमने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक राशि पहुंचाई। इन परिस्थितियों में मध्यप्रदेश का रोडमैप प्रस्तुत करना भी एक विशेष कार्य था, जिसे अपनी चाह से हमने पूरा किया। अब रोडमैप को लागू करने के लिए निरंतर कार्य होगा। धनराशि की व्यवस्था भी की जाएगी। निजी क्षेत्र की सहभागिता की सुनिश्चित की जायेगी।

मध्यप्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने इसके लिए आर्थिक गतिविधियों को और बढ़ावा देंगे। सड़कों के निर्माण के साथ ही अधोसंरचना संबंधी सभी कार्य और नर्मदा जल सहित पानी की एक-एक बूंद का उपयोग करते हुए कृषि क्षेत्र को भी लाभकारी व्यवसाय बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। थर्मल पावर के साथ ही सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग होगा। ओंकारेश्वर जलाशय में सोलर पेनल बिछाएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालयों तक विद्यार्थियों को बसों से लाने की व्यवस्था होगी। पढ़ाई से कोई वंचित नहीं रहेगा। लघु जलसंरचनाओं का जाल बिछाया जाएगा। जहां पूर्व में 7 लाख हेक्टेयर से 31 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षेत्र बढ़ाया गया था, उसे 60 लाख तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एक आंदोलन के रूप में विस्तार प्राप्त करेंगे। संसाधनों के बंटवारे का ध्यान रखते हुए जितनी आबादी उतनी राशि के सिद्धांत पर कार्यों का क्रियान्वयन होगा।

वोकल को लोकल बनाने का ध्येय

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में रोजगार के माध्यम से अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना एक प्रमुख कार्य रहेगा। वोकल को लोकल बनाने का ध्येय है। स्थानीय उत्पाद को बिक्री से जोड़ा जाएगा। महिला सशक्तिकरण भी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री को प्रोत्साहन देते हुए बढ़ेगा। ग्रामीण महिलाओं के कौशल को निखार कर उनके व्यवसाय को लाभकारी बनाया जाएगा। इसी तरह सांस्कृतिक गतिविधियों से  रोजगार वृद्धि के प्रयास होंगे। छोटे व्यापारियों को तकलीफ न हो, बड़े व्यापारी यदि बेईमानी करते हों, वे सावधान हो जाएं क्योंकि आम लोगों को परेशानी में
डालने वाले छोड़े नहीं जाएंगे। अपराधी तत्व कुचल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग प्राप्त किया जाएगा।

सहभागिता और सकारात्मक सोच आवश्यक

    मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश गढ़ने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। इसके साथ ही सकारात्मक सोच का भी महत्व है। हम सभी सकारात्मक होकर प्रदेश के विकास में भागीदारी करें। एक जिद, जूनून और जज़्बे के साथ सभी प्रदेश की प्रगति के लिए कार्य करें। हमारा मध्यप्रदेश गान भी इसी भाव का परिचायक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नीति आयोग ने प्रदेश के रोडमेप के निर्माण में सहयोग किया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग रोडमैप क्रियान्वयन में समवन्य करेगा। अन्य सभी विभाग सक्रिय भागीदारी करेंगे। दीनदयाल समितियों के माध्यम से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। कोरोना के संदर्भ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अभी यह समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। मास्क ही वैक्सीन है। दीपावली भी सावधानी से सभी लोग मनाएं। कोरोना पूरी तरह समाप्त होगा। ष्ये रैन अंधेरी बीतेगी, पतवार चलाते जाएंगे, मंजिल आएगी, जरूर आएगीष्। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वामी विवेकानन्द जी के कथन का स्मरण करते हुए कहा कि आज यह जरूरी है कि सभी उठें, जागें और तब-तक कार्य करें, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। क्योंकि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

रोड मैप में है विकास का विजन

    कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि सांसद श्री वी.डी. शर्मा ने कहा कि रोडमैप- 2023 के विमोचन अवसर का यह कार्यक्रम अभिनव है क्योंकि इसमें प्रदेश के विकास के विजन को सामने रखते हुए ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित करने का महत्वपूर्ण कल्याणकारी यज्ञ भी पूरा हो रहा है। इस रोडमैप में एक विजन के दर्शन होते हैं। ये विकास का विजन है। मुख्यमंत्री श्री चौहान विकास के प्रति अत्यंत गंभीर और निरंतर कार्य करने वाले मुख्यमंत्री हैं।

मध्यप्रदेश ने कोरोना से निपटते हुए रोडमैप भी बना लिया - श्री अमिताभ कांत

    नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिताभ कांत ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में भागीदारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत की रणनीति के अनुरूप मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने विभिन्न विषय-विशेषज्ञों से परामर्श कर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार किया है। इस रोडमैप को प्रदेशवासियों के सामने रखा गया है। जब सभी राज्य सिर्फ कोरोना से ही लड़ रहे थे, तब मध्यप्रदेश ने कोरोना से लोगों के बचाव के लिए अच्छे प्रबंध करते हुए प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए यह रोडमैप तैयार करने का महत्वपूर्ण कार्य किया जो निश्चित ही प्रशंसनीय है। उल्लेखनीय है कि 7 से 11 अगस्त की अवधि में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप को तैयार करने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चार मुख्य विषयों भौतिक अधोसंरचना, सुशासन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा और अर्थव्यवस्था एवं रोजगार पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित किये। इन वेबिनार्स में नीति आयोग के प्रतिनिधि, सुशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषय-विशेषज्ञों को आमंत्रित कर उनके सुझाव प्राप्त किये गये। वेबिनार्स में प्राप्त सुझाव के आधार पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप की कार्ययोजना तैयार की।
    प्रारंभ में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के रोडमैप को तैयार करने का श्रेय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की उमंग, ऊर्जा और उत्साह के सामने सभी कठिनाईयां बौनी सिद्ध हुईं। जब देश-विदेश में कोविड-19 नियंत्रण से बाहर हो रहा था, तब मध्यप्रदेश में अच्छा प्रबंधन हुआ। प्रशासनिक व्यवस्था में एक आमूल-चूल परिवर्तन यह हुआ की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से निर्णय लेने का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री चौहान के निश्चय से वेबिनार में करीब 650 विषय-विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ऑन लाइन सुझाव भी प्राप्त हुए। मुख्य सचिव श्री बैंस ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश की विकास यात्रा विभिन्न पड़ावों से होकर मंजिल तक पहुंचेगी। निष्ठा, परिश्रम और जिम्मेदारी से इस रोड मैप को सभी अंजाम तक पहुंचाएंगे। मुख्य सचिव श्री बैंस ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का उनकी नेतृत्व क्षमता से मिले इस लाभ के लिए आभार भी व्यक्त किया।
    आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप के विमोचन कार्यक्रम में मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और विभागाध्यक्ष भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त संभाग एवं जिलों से सांसद, विधायक, संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी भी कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल थे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मध्यप्रदेश दूरदर्शन, क्षेत्रीय न्यूज चैनल्स एवं सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर किया गया। कार्यक्रम का संचालन उप सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री सुधीर कोचर ने किया।

एनआईसी श्योपुर में उपस्थित कलेक्टर, एसपी एवं सीईओ जिला पंचायत

    मुख्यमंत्री श्री शिवराजि सिंह चौहान द्वारा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का रोडमैप- 2023 के विमोचन एवं मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेडर ब्याजमुक्त ऋण योजना के समारोह के दौरान एनआईसी श्योपुर में कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय, सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

चार दिन से मुरैना की बिजली गोल , सूचना का अधिकार मात्र आवेदन से ही दम निकल गयी बिजली कंपनी की

  कल दिया गया सूचना का अधिकार का आवेदन  आवेदन अंतर्गत धारा  6  ,  सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 Through E Mail And By Speed Post Signaured Co...