श्योपुर जिले में ड्राईरन कोविड-19 वैक्सीनेशन का हुआ शुभारंभ कलेक्टर ने ड्राई रन कोविड-19 वैक्सीनेशन का किया निरीक्षण

 भारत सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए कोविड वैक्सीनेशन की मंजूरी मिलने के बाद जिला चिकित्सालय श्योपुर एवं कराहल में बनाए गए। कोविड वैक्सीन बूथ पर ड्राई रन में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को वैक्सीन लगाने के कार्य का कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की उपस्थिति में श्योपुर जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल में एलएचव्ही श्रीमती कुंती जाटव ने फीता काटकर वैक्सीनेशन शुभारंभ किया। साथ ही कलेक्टर द्वारा ड्राईरन कोविड-19 वैक्सीनेशन का सेंटर कराहल का निरीक्षण किया।

    इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल, एसडीएम कराहल श्री रविश श्रीवास्तव, तहसीलदार कराहल श्री शिवराज मीणा, बीएमओ डॉ. प्रजापति सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी सहित अन्य चिकित्सीय स्टॉफ एवं नागरिक उपस्थित थे।
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने वैक्सीनेशन के निरीक्षण के दौरान बताया कि  कोरोना महामारी से बचने के लिए इस ड्राईरन कोविड-19 वैक्सीनेशन को लगाया जा रहा है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है टीकाकरण से कोई खतरा नही है। बूथ पर तीन कक्ष बनाए गए है। पहले कक्ष में पंजीयन वाले हितग्राही को प्रतीक्षालय कक्ष में ठहराया जाता है। उसकी जांच उपरांत दूसरा टीकाकरण कक्ष में टीका लगया जाता है। फिर तीसरा निगरानी कक्ष में 30 मिनिट तक रोका जाता है। यह टीका चरणबद्ध तरीके से सभी क को लगेगा टीकाकरण हेतु हितग्राही का पहले पंजीयन किया जावेगा। साथ ही वैक्सीनेशन के पश्चात् क्या-क्या सावधानियां रखी जानी है। उन सभी का प्रोटोकॉल बनाये और उन्हे प्रोटोकॉल के अनुसार परामर्श दिया जावे। वैक्सीनेशन के निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. प्रजापति ने बताया कि कराहल विकासखण्ड में 30 का पंजीयन कर टीकाकरण किया जा रहा है।
    इसी प्रकार श्योपुर मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय में ड्राईरन कोविड-19 वैक्सीनेशन का कार्य सर्वप्रथम चिकित्सक, स्टॉफ नर्स पैरामेडीकल स्टॉफ सहित 22 हितग्राहियों को लगाया गया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. बीएल यादव, डीआईओ डॉ. प्रेमराज मीणा, डीपीएम, मीडिया अधिकारी, यूनीसेफ प्रतिनिधि, आदि अन्य उपस्थित थे।
       सीएमचओ डॉ. बीएल यादव ने बताया कि पहले यह टीका स्वास्थ्य कार्यकर्ता, इसके बाद मैदानी कार्यकर्ताओं को दिया जावेगा। ताकि कोरोना मरीजों की देखभाल एवं जांच करने से पहले सम्पर्क में आते है। इसलिए सेवा प्रदाता सुरक्षित रहेगा। इसके पश्चात् लाभार्थीयों को सुरक्षित किया जा सकता है। टीका लगाने के बाद लाभार्थी को 30 मिनिट तक निगरानी कक्ष में रोका जाता है। ताकि यदि टीका से होने वाले प्रतिकूल प्रभाव का उपचार किया जा सके। ड्राई रन के दौरान लगने वाले हितग्राही को 30 मिनिट तक रोका गया तथा कोई प्रतिकूल प्रभाव सामने नही आया है।

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