भैंस ने सड़क पर गोबर किया, ग्वालियर नगर निगम ने दस हजार रू का जुर्माना लगाया, भैंस मालिक को जमा करना पड़ा जुर्माना

 ग्वालियर, 28 दिसंबर 2020 भैंस ने सड़क पर गोबर किया तो उसका खामियाजा उसके मालिक को भुगतान पड़ा। नगर निगम ने मालिक पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। नगर निगम के अफसर मालिक के घर पहुंच गए और अंतत: मालिक को 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ा।

घटना ग्वालियर के सिरौल रोड स्थित डीबी सिटी के पास की है। यहां पर सड़क का काम चल रहा है। इसी दौरान भैंस वहां से निकली और उसने गोबर कर दिया। दरअसल, डीबी सिटी के पास नगर निगम नई सड़क बनवा रहा है। निर्माण कार्य चल रहा था, तभी वहां पास ही रहने वाले बेताल सिंह की भैंस आ गई। भैंस ने सड़क पर गोबर कर दिया। इसके बाद निगमायुक्त संदीप माकिन ने भैंस को सड़क से हटाने के निर्देश दिए। क्षेत्राधिकारी व डब्ल्यूएचओ ने भैंस को हटाने की कोशिश की, लेकिन बहुत कोशिशों के बाद भी भैंस नहीं हटी। तभी वहां भैंस का मालिक बेताल सिंह आ गया। वह भैंसों को हांक कर अपने साथ ले जाने गया।


इस पर निगमायुक्त ने सड़क पर गोबर करवाने पर तत्काल जुर्माना करने का आदेश दिया। इसके बाद क्षेत्राधिकारी मनीष कन्नौजिया व वार्ड स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र धीरज बेताल सिंह के घर पहुंचे और उस पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सड़क पर भैंस द्वारा गोबर करने पर निगम द्वारा 10000 रुपये जुर्माने की कार्रवाई की गई है। यह जुर्माना बेताल सिंह ने निगम में जमा कर दिया है। — मनीष कन्नौजिया, क्षेत्राधिकारी, नगर निगम, ग्वालियर

मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवायजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज

 मीटर रीडर अजीत राजावत और सुपरवायजर रवि अग्रवाल पर मीटर रीडिंग में हेराफेरी के आरोप में धारा 420, 506, 511, 34 भादवि में एफआईआर दर्ज 

फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के मीटर रीडर अजीत राजावत के खिलाफ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मीटर रीडिंग में हेराफेरी और अवैध रूप से धन की मांग के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। यह एफआईआर सहायक अभियंता, फूलबाग जोन, शहर संभाग ग्वालियर के आवेदन पर दर्ज की गई है। आरोपी के खिलाफ अपराध धारा 420, 506, 511, 34 भादवि के अंतर्गत थाना पड़ाब में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।

मीटर रीडर अजीत राजावत फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. का कर्मचारी है और इसके द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग लेकर बिल बांटने का कार्य किया जाना चाहिए, लेकिन इसने श्रीमती क्रान्ति देवी निवासी डी-13, द्वारिका पुरी, फूलबाग जोन के परिसर की 10 माह तक सही रीडिंग नहीं ली। अगस्त-20 में इकट्ठी रीडिंग 4317 यूनिट का बिल जारी किया गया और बाद में आरोपी राजावत द्वारा इस बिल को सुधरवाने के लिए श्रीमती क्रान्ति देवी से 20 हजार रूपये की अवैध रूप से मांग की गई। श्रीमती क्रान्ति देवी द्वारा बिजली कंपनी में आवेदन दिया गया जिसकी जांच की गई। जांच में शिकायत को सही पाया गया। साथ ही कंपनी को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया गया है। फलस्वरूप मामले को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया जिसकी पुलिस द्वारा विवचेना की जा रही है। मीटर रीडर अजीत राजावत के साथ-साथ फीडबैक इन्फ्रा प्रा.लि. के सुपरवाईजर रवि अग्रवाल को भी आरोपी बनाया गया है।

किसान अब फसल बोने से लेकर बेचने तक पूरी तरह स्वतंत्र , अन्नदाता है किसान सिर माथे ही रहेगा , तीनों कृषि बिल अन्नदाता की आजादी और देश में सम्मान और वैभव पाने के तीन मंत्र हैं - ज्योतिरादित्य सिंधिया

 देश के केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि नए कृषि बिल से देश के किसानों की तकदीर और तस्वीर बदलेगी। यह कानून किसानों के हित संरक्षण और उनकी माँगों के अनुरूप बनाया गया है। इस कृषि कानून में समर्थन मूल्य को खत्म नहीं किया जायेगा। कृषि उपज मंडियों को भी बंद नहीं किया जायेगा। किसान अपनी फसलों को देश के अन्य राज्यों जहां उसे उचित मूल्य मिलेगा बेच सकेंगे। किसान फसल उगाने से पहले ही उपज दाम तय कर सकेंगे। कृषि कानूनों के तहत खरीददारों को समय पर किसानों को भुगतान करना होगा, वरना कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कानून के तहत किसान अपनी इच्छानुसार कभी भी समझौते को समाप्त करके जहाँ उसे उचित मूल्य मिलेगा वहाँ अपनी फसल बेच सकेगा।
    केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर बुधवार को फूलबाग में आयोजित भव्य किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार किसानों के हित संरक्षण के लिये संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता देश, प्रदेश का ही नहीं पूरे विश्व के लोगों का पेट भरता है। फसल बोते समय खाद-बीज डालने के साथ-साथ अपना पसीना बहाकर एक वटवृक्ष तैयार करके हम तक फसल पहुँचाता है। आज चंद लोग किसानों के हित संरक्षण के लिये बनाए कानून में रोड़ा अटका रहे हैं।
   मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आतिथ्य में रीवा में आयोजित कार्यक्रम का एलईडी पर सीधा प्रसारण किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूरे प्रदेश में 35 लाख 50 हजार किसानों के खातों में अंतरित राशि 1600 करोड़ रूपए आगामी 18 दिसम्बर 2020 से जमा कराई जायेगी। इसमें पूर्व की बकाया राशि के अलावा इस वर्ष सोयाबीन फसलों के नुकसान और अन्य फसल क्षति की राहत राशि भी शामिल रहेगी।
   भव्य किसान सम्मेलन में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सहकारिता मंत्री श्री ओ पी एस भदौरिया, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर, श्रीमती संध्या राय, श्री के पी यादव, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्री लाल सिंह आर्य, पूर्व राज्य मंत्री श्री गिर्राजराज दण्डौतिया, ग्वालियर-चंबल संभाग की विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, पूर्व विधायक, जिला भाजपा अध्यक्ष सहित दोनों संभागों के जिलों के किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
   किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज एवं कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि दक्षिण भारत सहित अन्य राज्यों के किसानों ने केन्द्र सरकार द्वारा पारित किसान हितैषी अध्यादेश का तहेदिल से स्वागत किया है। वहीं पंजाब, हरियाणा के किसानों को विपक्षी राजनैतिक दलों द्वारा भड़काया जा रहा है ताकि वे किसानों की आड़ में राजनैतिक रोटियां सेक सकें। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानून में किसानों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखकर ही बनाया है। यह कानून पूरी तरह किसान हितैषी है जिसे किसानों को समझना होगा। उन्होंने देश के सभी किसानों से अपील की है कि वे किसी भी राजनैतिक दल के बहकावे में न आएँ।
   केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 2014 से लगातार किसानों के कल्याण के लिये प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलों से आमदनी का धंधा तभी बन सकेगा, जब परंपरागत खेती को छोड़कर किसान आधुनिक तकनीकी को अपनाकर विभिन्न आयामों से जुड़ें, ताकि किसान आमदनी मुनाफे की श्रेणी में आ जाये। इसके लिये केन्द्र सरकार के साथ प्रदेश सरकारों को आगे कदम बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पहले समर्थन मूल्य लमसम तय होता था, लेकिन अब केन्द्र सरकार पहले किसानों द्वारा लगाई लागत को पूछेगी, जितनी किसानों ने लागत लगाई है उसमें 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर अब समर्थन मूल्य घोषित किया जायेगा।
    प्रधानमंत्री सम्मान निधि पर चर्चा करते हुये केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना में किसानों को एक वर्ष में 3 किश्तों में 6 हजार रूपये दिये जाते थे।  
    उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान को धन्यवाद देते हुये कहा कि वे भी 2-2 हजार रूपये दो-दो किश्तों में देंगे। इस तरह अब किसानों की यह निधि 10 हजार रूपये तक पहुंच जायेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में केन्द्र सरकार 75 हजार करोड़ रूपये किसानों के खातों में डाल रही है। उन्होंने कहा कि बड़े परिवारों में बटवारे हो जाने से छोटे-छोटे भागों में खेत हो गये है। प्रधानमंत्री ने इन छोटे-छोटे मझोले किसानों के लिये कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिये एफ.पी.ओ. बनाया है। इस एफ.पी.ओ. में छोटे-छोटे किसान न ट्रेक्टर ले सकते है और न अन्य कृषि उपकरण इसके लिये उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे 5-5 बीघा के 100-100 किसान मिलकर एफ.पी.ओ. की योजना में लाभ लेंगे तो उन्हें उन्नत कृषि उपकरण के साथ-साथ थोक में खाद बीज के दामों में रियायत मिल जायेगी और इस योजना का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि एफ.पी.ओ. के माध्यम से उद्यानिकी फसलों में कम लागत आयेगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अद्यौसंरचना पर केन्द्र सरकार ने एक लाख करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें 20 हजार करोड़ मछली पालन को बढ़ावा देने, 15 हजार करोड़ पशुपालन, 4 हजार करोड़ हर्वल फसलों, 5 हजार करोड़ मधुमक्खी पालन और 10 हजार करोड़ छोटे-छोटे प्रोसेसिंग मशीनों के लगाने पर खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि साढ़े 17 हजार करोड़ प्रधानमंत्री किसान योजना में और 1 हजार 128 करोड़ रूपये कॉपरेटिव के लिये जारी किये गये है। उन्होंने कृषि सुधार के लिये आये अध्यादेश में किसानों को होने वाले फायदों को भी गिनाया।
  
 राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जय जवान-जय किसान के नारे से अपने उदबोधन में कहा कि मूलत: लोग भगवान की पूजा - आराधना करते हैं। किंतु वास्तविक भगवान देश का अन्नदाता है जो सारे देश की मौलिक आवश्यकता की पूर्ति करता है। श्री सिंधिया ने कहा कि भारत के किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिये प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित संरक्षण के लिये तीन कृषि बिल पारित किए गए हैं। यह तीनों बिल किसानों को अपनी फसल बोने से लेकर उत्पादन बेचने तक की स्वतंत्रता देते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कृषि कानून के तहत किसानों को खाद बीज के भण्डारण की पूर्व से ही व्यवस्था रहेगी।

    उन्होंने कहा कि 22 करोड़ किसानों को खेत मिट्टी परीक्षण कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड दिए गए हैं ताकि किसानों के हाथ और मजबूत हो सकें। उन्होने कहा कि कोरोना के संकट में भी किसानों ने खेती करके देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना में एक लाख करोड़ रूपए कृषि कोष में जमा कराए हैं। किसानों को हर वर्ष किसान सम्मान निधि के रूप में केन्द्र 6 हजार रूपए और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्णय के अनुसार प्रत्येक किसान को 4 हजार रूपए इस तरह अब किसान को 10 हजार की किसान सम्मान निधि प्रति वर्ष मिल रही है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के हितों के लिये संकल्पित है। वहीं प्रदेश की सरकार भी 2 हजार 200 करोड़ रूपए पूर्व सरकार ने किसानों के हित का पैसा तिजोरी में रखे हुए थी, उसे तोड़कर मुख्यमंत्री ने किसानों के खातों में जमा कराया। उन्होंने कहा कि अभी तक 7 हजार 700 करोड़ रूपए किसानों को राहत के रूप में उनके खातों में जमा कराए हैं।  1600 करोड़ अंतरित राशि भी प्रदेश सरकार अगले दो दिन के अंदर किसानों के खातों में जमा करायेगी।
    नए कृषि कानून का उल्लेख करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि केन्द्र सरकार ने समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाया है ताकि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। किसान अपने उत्पादन को अब कहीं पर भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि 70 सालों से जंजीरों में जकड़ा किसान अब पूरी तरह से स्वतंत्र हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियां बंद नहीं होंगीं। अब किसान बिचौलियों से मुक्त होंगे। उन्होंने कहा कि किसान सम्पन्न होगा तभी देश आगे तरक्की कर सकेगा। उन्होंने कहा कि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिये करोड़ों रूपए खर्च किए जा रहे हैं। अभी धान और गेहूँ पर समर्थन मूल्य दिया जाता था, अब दलहनी फसलों को भी समर्थन मूल्य पर किसान बेच सकेंगे।
    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य ने संबोधित करते हुए विस्तार से नए कृषि कानून से किसानों को होने वाले फायदों का उल्लेख किया।
 

आटा चक्की के व्यवसाय से कमलेश पकड रही है तरक्की रफ्तार

गर्भवती कमलेश आटा चक्की चलाती हुई


 राज्य सरकार के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में योजनाओं का लाभ ग्रामीण अंचलों की महिलाओ को दिलाने की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है। इसी दिशा में जिले के विकासखण्ड श्योपुर के ग्राम डाबरसा निवासी श्रीमती कमलेश पत्नी श्री जगदीश बैरवा आटा चक्की के व्यवसाय से तरक्की रफ्तार पकड रही है।

    जिले के श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम डाबरसा की श्रीमती कमलेश पत्नी जगदीश बैरवा 42 वर्ष की आयु में पांचवी उर्त्तीण होने के बावजूद रोजगार की दिशा में निरंतर प्रयत्न कर रही थी। साथ ही अपने पति को रोजगार दिलाने में भी इधर-उधर चर्चा कर रही थी। तभी उनके गांव में राज्य ग्रामीण आजिविका मिशन के कर्मचारी पहुंचे। उनकी सलाह से श्रीमती कमलेश ने प्रारंभ में अंबेडकर समूह बनाकर गांव की महिलाओं को जोड़ने के प्रयास किए। उनके पति कम जमीन होने पर तीन बच्चों की पढ़ाई का बोझ भी सहन नहीं हो रहा था। उन्होंने खेती के कार्य में भी पति का सहयोग दिया।
     ग्राम पंचायत पानड़ी के ग्राम डाबरसा की निवासी श्रीमती कमलेश बैरवा समूह की महिलाओं के साथ अपने आटा चक्की के व्यवसाय को बढ़ा रही थी। साथ ही मिशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाकर समूह की शक्रिय महिला के रूप में अपनी पहचान भी बना रही थी। उन्होंने मिशन से आटा चक्की के लिए ऋण लिया। उनके द्वारा लगाई गई आटा चक्की से गांव के कई परिवार आटा पिसाने के लिए आने लगे। जिससे निरंतर उनकी आय में वृद्धि होती रही।
     जिले के विकासखण्ड श्योपुर के ग्राम डाबरसा निवासी श्रीमती कमलेश पत्नी जगदीश बैरवा ने बताया कि, मैं अपने तीन बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्चा आटा चक्की के व्यवसाय से आसानी से उठा रही हूं। साथ ही पति की खेती में भी सहारा दे रही हूं। वर्तमान में मुझे 2 लाख रूपए वार्षिक आय इस व्यवसाय से प्राप्त हो रही है। जिसके लिए मैं मप्र सरकार, जिला प्रशासन और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करती हूं।

आदिवासी क्षेत्र में बसा सिलपुरी गांव पकड़ रहा है तरक्की की रफ्तार

श्योपुर जिले में कराहल विकासखंड के आदिवासी क्षेत्र में बसा बनार पंचायत का सिलपुरी गांव संसाधनों को पाकर उन्नत खेती करते हुए, फसलों का उत्पादन लेने में तरक्की की रफ्तार पकड़ रहा है। इस गांव ने खरीफ, रबी फसल के अलावा संसाधनों के कारण फल-फूल, सब्जी उत्पादन की दिशा में अपनी पहचान स्थापित की है।
     जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम सिलपुरी में पूर्व में कृषकों को सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण अपेक्षित खेती पर कम खर्च करने की बनी रहती थी। साथ ही पूर्व में यहॉं के किसानों के पास न ही बिजलीे के साधन थे और न ही पानी के साधन। लिहाजा वे केवल वर्षा आधारित खेती पर ही आश्रित थे। इसी प्रकार वर्ष में एक बार खरीफ फसल ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन था। लेकिन म.प्र.डे.रा.ग्रा. आजीविका मिशन एवं जिला प्रषासन के सहयोग से ग्राम में संचालित समूहो के माध्यम से फलफूल, सागभाजी, सिंचाई उद्वहन एवं पेयजल समिति का गठन किया गया।
     कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की पहल पर गठित की गई समिति में 40 परिवारों को जोड़ा गया। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के सहयोग से 10 नलकूप खनन एवं 10 स्प्रिकलर सेट प्रदाय किये गये तथा सभी पर विद्युत सप्लाई किये जाने से पहली बार ग्राम में रबी की फसल एवं व्यावसायिक सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही 34 कृषकों के यहॉं 34 एकड़ में बायफ संस्था के सहयोग से आम एवं अमरूद का बाड़ी कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है जिससे 3 वर्ष बाद 10000 प्रतिमाह की आय प्राप्त होगी।  
      म.प्र.डे.रा.ग्रा. आजीविका मिशन के द्वारा ग्राम सिलपुरी में 40 कृषकों के यहॉं पहली बार व्यावसयिक सब्जी उत्पादन का कार्य 40 एकड़ में किया गया है। नलकूप खनन के माध्यम से 40 परिवारों के यहॉं 68 हैक्टेयर जमीन में सरसों चना गेंहू एवं सब्जी उत्पादन कड़कनाथ मुर्गी पालन के माध्यम से ग्राम में चारों तरफ हरियाली की चादर बिछी हुई है। ग्रामीणों के चेहरे पर एक अजीब सी प्रसन्नता एवं खुशी की झलक दिखाई देने लगी है। आने वाले वर्षो में यह गॉव विकास की मिसाल साबित होगा। यह सब करिश्मा मप्र सरकार एवं जिला प्रशासन तथा म.प्र.डे.रा.ग्रा. आजीविका मिशन के कारण ही परिलक्षित हुआ है। 

आर्थिक संबल प्रदान कर रहा है मनीषा को जय काली मॉ समूह

महिला सशक्तिकरण की दिशा में आदिवासी विकासखण्ड कराहल के स्वसहायता समूह महिलाओं को आर्थिक तरक्की की राह प्रदान करने में सहायक बन रहे हैं। ग्राम आमेठ की निवासी मनीषा जय काली मॉ स्वसहायता समूह के माध्यम से आर्थिक संबल प्रदान करने में सहायक बन रही है।
     जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम आमेठ निवासी मनीषा उम्र 38 वर्ष के परिवार में 5 सदस्य माता-पिता दो पुत्र एवं एक पुत्री का पालन-पोषण करने में कठिनाई महसूस कर रही थी। इसी बीच गांव में मप्रडे केयर ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारी उनके गांव में पहुंचे। उनके द्वारा श्रीमती मनीषा को ग्राम संगठन आमेठ की ओर से जय काली मॉ स्वसहायता समूह गठन करने की प्रेरणा दी। इस प्रेरणा से श्रीमती मनीषा ने सेसईपुरा सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वसहायता समूह में अन्य 11 महिलाओं को भी जोड़ा जाकर अपना समूह गठन किया।
     आमेठ निवासी मनीषा ग्राम पंचायत लहरोनी में कक्षा 5वीं पास कर अपने ससुराल में परिवार का पालन-पोषण करने के लिए गठित किए गए स्वसहायता समूह के माध्यम से अपने परिवार की आय बढाने की ओर अग्रसर हुई। प्रारंभ में उन्होंने 10000/- रू की राशि समूह से घर में दुकान स्थापित करने के लिये उसके द्वारा ली गई। जिससे आय का प्रतिदिन स्त्रोत स्थापित हुआ। आय बढने के बाद तथा मन में आत्मविश्वास होने के बाद मनीषा द्वारा 25000/- रू की राशि चक्की के लिये ऋण के रूप में ली। जिससे आय में वृ़द्धि हुई बाद में ग्राम में संचालित स्लेक परियोजना के माध्यम से अपने खेत में सौलर उर्जा पंप के लिये 70000/- रू ऋण लिया गया।
      वर्तमान में मनीषा को दुकान से 3000/- , चक्की से 4000/- , प्रशिक्षण आंतरिक एवं बाहय सीआरपी से 2000/- तथा कडकनाथ मुर्गी पालन से 4000/- रू की आय नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। इसी प्रकार उनके द्वारा पंप स्थापित करने के लिए पहली  बार सब्जी उत्पादन की दिशा में भी कदम बढ़ाए। इस कारण से उनके परिवार की आय 16000/- रू प्रति माह के आस-पास पहुंच गयी है।
     जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल की श्रीमती मनीषा ने बताया कि स्वसहायता समूह के गठन के बाद मेरी आय में दिनो-दिन तरक्की हुई। यह आय 16000 रूपए तक पहुंच गई है। आर्थिक दिशा में मैं तरक्की करती हुई समाज में पहचान बनाने के लिए सहायक बन गई हूं। इन सभी गतिविधियों का श्रेय मप्र सरकार जिला प्रशासन और मप्रडे केयर आजीविका मिशन को जाता है। 

क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री श्री तोमर की अध्यक्षता में हुई श्योपुर की दिशा समिति की बैठक, प्रधानमंत्री आवास योजना में 19,166 आवास स्वीकृत, पूरी पारदर्शिता से हो काम, जिले में दुग्ध और अमरूद उत्पादन के क्लस्टर देशव्यापी प्रसिद्धि पाएं

क्षेत्रीय सांसद व भारत सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में श्योपुर जिले की दिशा समिति की बैठक आज रविवार को आयोजित हुई। इस वर्चुअल बैठक में श्री तोमर ने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि श्योपुर जिले में आजीविका मिशन का शुभारंभ उन्होंने वर्ष 2003-04 में किया था और अब तक 55 हजार समूह बन चुके हैं, जो प्रगति का सूचक है। केन्द्रीय मंत्री  श्री तोमर ने बताया कि उन्होंने अपने ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना में 19,166 आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने इसमें पूरी पारदर्शिता से काम करने पर जोर दिया, ताकि हितग्राहियों को परेशान नहीं होना पड़े। साथ ही कहा कि जिले में दुग्ध और अमरूद उत्पादन के क्लस्टरों का कार्य ऐसा होना चाहिए कि देशव्यापी प्रसिद्धि पाएं।
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आजीविका मिशन में स्वयं सहायता समूहों की सफलता की अनेक कहानियां है, जिससे जिले की प्रतिष्ठा देश में बढ़ती है। उन्होंने इस मिशन में प्रोजेक्ट्स के सुचारू संचालन के लिए मार्गदर्शन देते हुए इस बात पर संतोष जताया कि इनसे जुड़ी अनेक बहनों के जीवन में बदलाव आया है। साथ ही कहा कि अन्य बहनों के भी जीवन स्तर में भी बदलाव लाने के लिए पूरा प्रयास सभी को मिलकर करना चाहिए। इस दृष्टि से जिले का एक एक्शन प्लान बनाया जाएं और बहनों को प्रशिक्षित किया जाए। श्री तोमर ने कहा कि किसी भी योजना के बारे में जब तक आत्मावलोकन नहीं करेंगे, तब तक वास्तविक प्रगति नहीं हो सकती। यह देखा जाए कि अभी किन लक्ष्यों तक पहुंचना बाकी है और अंतिम लक्ष्य तक पहुंचने में कितनी राशि-कितने साधन लगेंगे।
    आवास योजना की प्रगति के संबंध में श्री तोमर ने बताया कि जिले में सहरिया, बैगा, बागा आदि समुदायों के लिए पूर्व में अलग से आवास मंजूर किए गए थे। श्री तोमर ने बताया कि उन्होंने अपने दायित्व वाले केंद्रीय ग्रामीणविकास मंत्रालय से 19,166 आवास स्वीकृत कर दिए हैं। गुना में 4 हजार आवास मंजूर किए गए हैं। अब इनके माध्यम से कोई भी गरीब परिवार आवास सुविधा से बचना नहीं चाहिए, पूरी पारदर्शिता से काम होना चाहिए। कार्यप्रणाली ऐसी होना चाहिए कि संबंधित परिवार को तुरंत मालूम होना चाहिए कि हितग्राही के रूप में उसका नाम है, ताकि चक्कर नहीं लगाना पड़े।पीएम आवास योजना में श्योपुर टाप फाइव में है।
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जिले में दुग्ध उत्पादक बड़ीसंख्या में है, जिनका क्लस्टर पूरे देश में सुर्खियां पा सकता है, यहां देशी नस्ल कीगायें बड़ी संख्या में है, दूधउत्पादन भी बहुत अच्छा होता है, आर्गेनिक खाद्य पदार्थ है, गायें भी आर्गेनिक फूड पर ही पल रही है। ऐसे में यहां की देशी गायों की नस्ल को प्रमाणित कराते हुए विश्वसनीयता कायम की जाए तथा यहां के दूध से प्रोडक्ट्स तैयार कर उनकी ब्राडिंग श्योपुर-कराहल के नाम सहित करें, जिससे दूध उत्पादकों की आय बढ़ाई जा सकती है।केंद्र सरकार ने  आत्मनिर्भर भारत अभियान में कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए अनेक पैकेज घोषित किए हैं, जिसमें 15हजार करोड़ रू.का फंड पशुपालन के लिए भी है।इसका लाभ जिले में भी लिया जाएं।  
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण व कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिएअनेक योजनाएं प्रारंभ की है। इनमें 10 हजार नए एफपीओ बनाने की स्कीम भी है, जिससे श्योपुर जिले में भी छोटे रकबे वाले व कम फसल पैदा करने वाले किसानों को संगठित करके लाभ पहुंचाया जाएं। सहरिया समूहों के किसानों के भी एफपीओ बनाए जा सकते हैं व उन्हें एकल सिंचाई योजना का लाभ दिया जा सकता है।समूहों में यदि वे एक ही प्रकार की खेती करें तो इससे उनकी आय काफी बढ़ सकेगी। इसके लिए उन्होंने कुम्हेडे से आगरा में पैठा बनाने का उदाहरण दिया। इसी प्रकार, जड़ी-बूटियां जिनकी प्रचुरमात्रा में मांग है, उन्हें चिन्हित करके किसानों को एकजुट कर एफपीओ से फायदा लें। योजना के तहत वेयर हाउस व कोल्ड स्टोरेज बनाए जा सकते हैं, प्रोसेसिंग यूनिट भी लगा सकते हैं। हर्बल खेतीको बढ़ावा देने के लिए भी केंद्र सरकार ने 4 हजार करोड़ रू. का प्रावधान किया है, जिसके अंतर्गत एक हर्बल पार्क की स्थापना श्योपुर में करने का प्रस्ताव देने का सुझाव श्री तोमर ने दिया।
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि गोरस की गायोंके लिए चारेकी व्यवस्था हेतु पास ही चारागाह का विकास किया जाएं, जिससे दुग्ध उत्पादकों की परेशानी हल होगी व आय भी बढ़ेगी।एक जिला- एक उत्पाद की योजना में अमरूद को देशभर में प्रसिद्धि दिलाने पर काम किया जाएं, मार्केट लिंकेज व अन्य बातों पर भी समग्र योजना बनाकर काम होगा तो सफलता मिलेगी। उन्होंने एकलव्य स्कूल के संबंध में भी प्रोग्रेस के लिए दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, बताया कि 110 करोड़ रूपए की नलजल योजना बन गई है, जिसे राज्य सरकार ने प्रोसेस कर दिया है और वह एडीबी की प्रक्रिया में शामिल हो गई है, अब इसकी मंजूरी के लिए हम प्रयासरत है। बड़ौदा के लिए 37 करोड़ रू.के वाटर प्रोजेक्ट की मंजूरी मिल गई है।
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानून के संबंध में जागरूकता के लिए काम करना चाहिए, ये कानून छोटे किसानों की जिंदगी में आमूलचूल परिवर्तन लाएंगे। जो तत्व देश को आगे नहीं बढ़ते देखना चाहते, उनसे सावधान रहते हुए कानूनों के लाभ के किसानों तक पहुंचाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रोटोकाल के पालन में ढिलाई नहीं होना चाहिए।
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में अवगत कराया कि प्रधानमंत्री अवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत श्योपुर जिले को 19166 सहरिया परिवारो को आवास उपलब्ध कराने की स्वीकृति मिल चुकी है। इन आवासों के हितग्राहियों को उपलब्ध कराने के लिए प्रारंभिक तैयारियां चल रही है। साथ ही सभी औचारिकताएं 26 जनवरी की ग्रामसभा में पूर्ण की जावेगी। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना में श्योपुर जिला मप्र में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होने कहा कि दुग्ध उत्पादन को बढावा देने की दिशा में स्वीकृत प्रोजेक्ट के लिए गोरस में भूमि का चयन किया जा चुका है।
    कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन के एजेण्डा के अनुसार कार्यवाहियां अमल में लाई जा रही है। जिसमें 516 गांवो को जोडा जाकर 1 लाख 574 परिवारों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास जारी है।  उन्होने कहा कि पेयजल अवर्धन योजना के अंतर्गत श्योपुर शहर को पानी दिलाने की दिशा में 110 करोड रूपये का प्रोजेक्ट तैयार कर लिया गया है। उन्होने कहा कि एक जिला-एक उत्पादन के अंतर्गत अमरूद की खेती को बढावा देने की दिशा में प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में अधिक से अधिक अमरूद के बगीचे एनआरएलएम एवं उद्यानिकी विभाग के माध्यम से लगाये जावेगे। साथ ही मार्केंटिंग की सुविधा को भी अमल में लाया जावेगा। कलेक्टर ने कहा कि श्योपुर शहर के शिवर प्लांट के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।
    सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल ने बैठक में जानकारी देते हुए कहा कि आजीविका मिशन के अतंर्गत 55 हजार 732 स्वसहायता समूह को रोजगार से जोडने की पहल की जा रही है। जिसमें 10 स्वसहायता समूहों को आजीविका एक्सप्रेस प्रदान कर सहरिया परिवार की महिलाओ के जीवन में सुधार लाने के प्रयास किये गये है। उन्होने कहा कि गिर गोरस एटू मिल्क के नाम से प्रोजेक्ट पर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होने कहा कि विजयपुर क्षेत्र में पेठा (कुमेडा) की पैदावार अधिक होती है। जिसकी मार्केटिंग किसान आगरा में करते है।

     इस दिशा में विजयपुर-श्योपुर क्षेत्र में ही पेठा बनाने की दिशा में प्रोजेक्ट तैयार किया जावेगा। उन्होने कहा कि स्वसहायता समूहो को 16 गौशालाओ का कार्य दिया गया है। इसी प्रकार ओछापुरा, कराहल और सेंसईपुरा में तीन आजीविका नर्सरी तैयार की गई है। उन्होने कहा कि आजीविका प्रड्यूसन कंपनी के माध्यम से कराहल क्षेत्र में कार्य किये जा रहे है। चारागाह विकास गौशाला के साथ चल रहा है। इस दिशा में कलेक्टर श्योपुर द्वारा 32 को मंजूरी दी जा चुकी है।
    डीएफओ श्री सुधाशु यादव ने चारागाह विकास के अतंर्गत वन विभाग के द्वारा 600 हेक्टयर भूमि का चयन किया गया है। साथ ही चारागाह, घास समितियो के माध्यम से देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।  
    बैठक में क्षेत्रीय विधायक श्री बाबू जण्डेल, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, पार्टी पदाधिकारी श्रीमती मिथलेश तोमर, कराहल जनपद अध्यक्ष श्री रामदासी बाई, गांधी आश्रम के संचालक श्री जय सिंह जादौन ने उपयोगी सुझाव दिये। इसी प्रकार उपसंचालक कृषि श्री पी गुजरे, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री संतोष श्रीवास्तव, पीआईयू श्री विपिन सोनकर, डीपीएम आजीविका मिशन श्री सोहनकृष्ण मुदगल, परियोजना अधिकारी श्री राघवेन्द्र जाट ने विभागीय योजनाओ की जानकारी दी।

रेडियम लगाओ-जीवन बचाओ जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ

    केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वयन एवं अनुश्रवण कमेटी (दिशा) की वीसी में रेडियम लगाओ-जीवन बचाओ जागरूकता अभियान का शुभारभ आज किया गया है। जिसमें पहले चरण में 50 पंचायतो में कार्यवाही की जावेगी। इस दिशा में वीसी में सीईओ जिला पंचायत श्री राजेश शुक्ल ने विस्तार से जानकारी दी।

दिशा की वीसी में उपस्थित अधिकारी

    केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वयन एवं अनुश्रवण कमेटी (दिशा) की वीसी के दौरान कलेक्टर कार्यालय श्योपुर के कार्यालय में कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय, श्योपुर क्षेत्र के विधायक श्री बाबू जण्डेल, विजयपुर श्री सीताराम आदिवासी, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, जिला पंचायत के सीईओ श्री राजेश शुक्ल, डीएफओ श्योपुर श्री सुधांशु यादव, पार्टी पदाधिकारी/समिति सदस्य श्रीमती मिथलेश तोमर, जनपद अध्यक्ष कराहल श्रीमती रामदासी बाई, गांधी आश्रम के संचालक श्री जय सिंह जादौन, डीपीएम आजीविका मिशन श्री सोहनकृष्ण मुदगल, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री संतोष श्रीवास्तव, आरईएस श्री पीआर इटोरिया, पीआईयू श्री विपिन सोनकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री ओपी पाण्डेय, उपसचांलक कृषि श्री पी गुजरे, सहायक आयुक्त आजाक श्री एमपी पिपरैया एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


 

दुकान के लिए ऋण को खुशी-खुशी चुका रही है सावित्री बाई

मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा जिले के श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम पच्चीपुरा की 38 वर्षीय श्रीमती सावित्री बाई पत्नी श्री विनोद को दुकान के लिए 50 हजार रूपये का ऋण दिया गया। इस ऋण को खुशी-खुशी चुकाने में सहायक बन रही है।

    श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम पच्चीपुरा निवासी श्रीमती सावित्री बाई पत्नी श्री विनोद परिवार में पशुपालन का कार्य करती थी। जिसमें उनके पास एक भैंस व एक गाय थी। जिसका दूध बेचकर अपने घर का खर्चा चलाती थी। परंतु कोई बचत नहीं हो पाती थी। जब भैंस या गाय दूध नहीं देता तब घर का खर्चा चलाने में मुश्किल पड़ जाता था। उनके पति भी मेहनत मजदूरी कर परिवार को सहारा देते थे। परंतु उसमें गुजारा नही होता। 
    ग्राम पच्चीपुरा की निवासी श्रीमती सावित्री बाई जब घर में भैंस और गाय को चारा खिला रही थी। तब उनकी आजीविका मिशन के दल से भेंट हुई। साथ ही अपनी व्यथा सुनाई। आजीविका मिशन के दल द्वारा सावित्री बाई को सलाह दी, कि आपका घर पच्चीपुरा श्योपुर मैंन रोड पर है। अपने घर में किराने की दुकान, जनरल स्टोर का व्यवसाय आसानी से किया जा सकता है। उस घर में ही 50 हजार रूपए ऋण लेकर निजी व्यवसाय की शुरूआत की जा सकती है।
    श्योपुर विकासखण्ड के ग्राम पच्चीपुरा निवासी श्रीमती सावित्री बाई ने मप्र डे आजीविका ग्रामीण मिशन के दल की समझाइश पर महिला स्वसहायता समूह देव नारायण से जुड़कर आप 50 हजार रूपये का ऋण लेकर व्यवसाय शुरू कर सकती है। तब श्रीमती सावित्री बाई ने सहमति व्यक्त की और अपना प्रकरण जिला स्तर से कराने की अपेक्षा की।
    कलेटर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में डीपीएम मप्र डे आजीविका मिशन श्री एसके मुदगल ने जिला स्तर से मैदानी दल के माध्यम से श्रीमती सावित्री बाई को 50 हजार रूपये का ऋण देने के लिए स्वीकृति प्रदान की। स्वीकृति के उपरांत लिये गये ऋण के माध्यम से श्रीमती सावित्री बाई ने अपनी जनरल स्टोर की दुकान प्रारंभ की। इस दुकान के संचालन से समूह से लिये गये ऋण को चुकाने के उपरांत प्रतिमाह 9 हजार रूपये की आमदनी हो रही है। साथ ही वे अपने बच्चो की पढाई लिखाई में भी सहारा बन रही है। 
    जिले के विकासखण्ड श्योपुर के ग्राम पच्चीपुरा निवासी श्रीमती सावित्री बाई पत्नी श्री विनोद ने बताया कि मप्र सरकार, जिला प्रशासन एवं मप्र डे आजीविका मिशन के माध्यम से मुझे स्वरोजगार का अवसर मिला है। जिसके लिए मैं परिवार सहित आभारी हँ।

ड्रिप पद्वति से सब्जी व फूलों की खेती से किसान शंभू दयाल सुमन ने डेढ लाख की आय अर्जित की

जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम सेमल्दा हवेली के निवासी कृषक श्री शंभूदयाल सुमन पुत्र श्री मोहनलाल सुमन ने अपने खेत में गैंदा, गुलाब, गैलार्डियां, सेंवती एवं सब्जियों की खेती से लगभग तीन गुना अधिक आय अर्जित की है। इस आय से उनका अनुसरण अन्य किसान भी कर रहे हैं।
     कराहल विकासखण्ड के ग्राम सेमल्दा हवेली निवासी श्री शंभूदयाल सुमन पूर्व में अपनी भूमि 1.421 हेक्टेयर में गेहूं चना सरसो आदि की खेती करता था। जिसमें उनकों सीमित आय प्राप्त होती थी। एक दिन ग्रामसभा में उद्यानिकी विभाग के अधीक्षक श्री पीएस सिकरवार से मुलाकात हुई। तब उन्होंने श्री सुमन को समझाइश दी कि, उद्यानिकी फसल गेंदा, गुलाब, गेलार्डियां, सेवती एवं सब्जी की खेती से अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। तब उन्होंने उद्यानिकी रकवा 0.400 हेक्टेयर में फूल और सब्जी की खेती के लिए प्रकरण उद्यानिकी विभाग से तैयार करवाया।
     कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव की पहल पर सहायक संचालक उद्यानिकी श्री पंकज शर्मा ने उनका प्रकरण उद्यानिकी अधीक्षक संजय निकुंज कराहर से तैयार करवाया। साथ ही उद्यानिकी फसलों के लिएं यंत्रीकरण का उपयोग करने के लिए ड्रिप सिस्टम की स्वीकृति दिलाई। ग्राम सेमल्दा हवेली के श्री शंभूदयाल सुमन ने ड्रिप पद्वति से 0.400 हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल गैंदा, गुलाब, गैलार्डियां, सेवती एवं सब्जी की खेती करना प्रारंभ किया।
     जिले के आदिवासी विकासखण्ड कराहल के ग्राम सेमल्दा हवेली निवासी श्री शंभुदयाल सुमन पुत्र श्री मोहनलाल सुमन ने बताया कि पूर्व में गेहूं, चना, सरसो की फसल से प्रतिवर्ष 80-90 हजार रूपए की आय प्राप्त होती थी। अब राज्य सरकार के उद्यानिकी विभाग की पहल पर वर्तमान में मेरी आय प्रतिवर्ष 1.50 लाख रूपए प्राप्त हो रही है। उद्यानिकी फसल, फूलों का विक्रय में स्थानीय बाजार में आसानी से कर रहा हूं। फूलों के विक्रय से मेरी माली हालत में सुधार आया है। साथ ही समाज में सम्मान के साथ जीने का अवसर मिला है।
     कराहल विकासखण्ड के ग्राम सेमल्दा हवेली निवासी श्री शंभुदयाल सुमन ने बताया कि मप्र सरकार, जिला प्रशासन के माध्यम से उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों की माली हालत सुधारने में फूलों और सब्जी की खेती काफी फायदेमंद साबित हो रही है। मेरी खेती का अनुसरण क्षेत्र के अन्य किसान भी कर रहे हैं। उनकी भी आमदनी में सुधार आया है। यह सब करिश्मा प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के द्वारा हुआ है। 

किसानों के धरना प्रदर्शन को दृष्टिगत कार्यपालिक मजिस्ट्रेटो की ड्यूटी लगाई

 अनुविभागीय दण्डाधिकारी श्योपुर श्री रूपेश उपाध्याय ने 14 दिसंबर को किसानों के धरना प्रदर्शन को दृष्टिगत रखते हुए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट एवं कर्मचारियों की ड्यूटी अंकित स्थान पर लगाने का आदेश जारी किया है।

    जारी आदेश के अनुसार तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट श्योपुर श्री राघवेन्द्र सिंह कुशवाह मो.न. 9981778322 की ड्यूटी किसानों द्वारा घेराव करते समय कोतवाली श्योपुर पर लगाई गई है। उनके सहयोगी कर्मचारी के रूप में राजस्व निरीक्षक श्योपुर श्री टीएस लकडा, पटवारी श्री गोविद सिंह जाट, श्री गजानंद शर्मा को तैनात किया है।
    इसी प्रकार नायब तहसीलदार एवं कार्य पालिक मजिस्ट्रेट श्योपुर सुश्री रजनी बघेल की ड्यूटी धरना स्थल श्री हजारेश्वर पार्क श्योपुर पर लगाई गई है। उनके सहयोगी के रूप में राजस्व निरीक्षक श्री श्रीपाल सिंह अपोरिया, पटवारी श्री वीर सिंह पिप्पल श्री गजेन्द्र सिंह जाट की तैनाती की गई है।

दतिया में निकली मां पीतांबरा की रथयात्रा

    धर्म मय हुई दतिया ,  पुरी की तर्ज पर निकली माई  की रथ यात्रा  में उमड़े भक्त ग्वालियर टाइम्स  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान,पूर्व मुख्यमं...